प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा जाता है, प्रत्येक वर्ष 9 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के भारत के विकास में दिए गए अमूल्य योगदान को पहचानना और सम्मानित करना है। इसका गहरा ऐतिहासिक महत्व भी है, क्योंकि 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे, जिसने आगे चलकर भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा और नेतृत्व प्रदान किया।
वर्ष 2015 से प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन द्विवार्षिक (हर दो वर्ष में) आयोजित किए जाते हैं। चूँकि 2026 गैर-सम्मेलन वर्ष है, इसलिए बड़े केंद्रीय आयोजन (प्लेनरी सत्र, पुरस्कार समारोह आदि) नहीं होंगे। हालाँकि, क्षेत्रीय कार्यक्रम, वेबिनार, सांस्कृतिक आयोजन और युवा-केंद्रित संवाद भारतीय मिशनों द्वारा आयोजित किए जाने की संभावना है।
मुख्य पड़ाव:
1. आर्थिक योगदान
प्रवासी भारतीयों से भारत को प्रतिवर्ष 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का रेमिटेंस
निवेश, स्टार्टअप, उद्यमिता और तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा
2. सांस्कृतिक एवं सामाजिक भूमिका
भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों का वैश्विक प्रसार
मातृभूमि से भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत
3. नीति एवं शासन मंच
OCI कार्ड, मतदान अधिकार, संपत्ति कानून, कौशल गतिशीलता जैसे मुद्दों पर चर्चा
प्रवासी भारतीयों और नीति निर्माताओं के बीच संवाद का मंच
4. वैश्विक सॉफ्ट पावर
मेज़बान देशों में भारत के हितों की वकालत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और प्रभाव को मजबूती
प्रवासी भारतीय दिवस से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल है प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस—
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