वर्षा से प्रभावित सीमित ओवरों के क्रिकेट मैचों के नतीजे के लिए इस्तेमाल होने वाले नियम डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) देने वालों में शामिल टोनी लुईस का निधन। लुईस को साल 2010 में क्रिकेट और गणित में दी गई सेवाओं के लिए MBE (ऑर्डर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर) से सम्मानित किया गया था।
क्या है DLS पद्धति (method)?
डकवर्थ-लुईस स्टर्न मेथड या नियम (DLS) एक गणितीय सूत्रीकरण है जिसका इस्तेमाल मौसम या अन्य परिस्थितियों से प्रभावित सीमित ओवरों के क्रिकेट मैचों में बल्लेबाजी करने वाली टीम की के लिए टारगेट स्कोर की गणना करने के लिए किया जाता है।
डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम का इतिहास:
टोनी लुईस एक गणितज्ञ थे, जिन्होंने अपने गणितज्ञ साथी फ्रेंक डकवर्थ के साथ मिलकर वर्ष 1997 में डकवर्थ लुईस नियम दिया था। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद-आईसीसी द्वारा वर्ष 1999 में इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकृति दी गई थी। इस नियम का नाम 2014 में डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम रखा गया, जिसके बाद दुनिया भर में इसका इस्तेमाल किया गया।