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तालिबान ने शरिया कानून की चिंताओं के चलते अफगानिस्तान में शतरंज पर रोक लगाई

अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने आधिकारिक रूप से शतरंज के खेल को निलंबित कर दिया है, यह कहते हुए कि यह इस्लामी कानून के अनुरूप नहीं है। यह घोषणा 12 मई 2025 को की गई और यह तालिबान द्वारा अगस्त 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों पर लगाए जा रहे कठोर प्रतिबंधों का हिस्सा है। यह प्रतिबंध फिलहाल अस्थायी है और धार्मिक अधिकारियों द्वारा समीक्षा लंबित है, लेकिन इसका प्रभाव पहले ही काबुल और अन्य क्षेत्रों में दिखने लगा है।

क्यों चर्चा में है?
शतरंज पर लगाया गया यह प्रतिबंध अफगान समाज पर तालिबान की धार्मिक व्याख्याओं को लागू करने की निरंतर नीति को दर्शाता है। शतरंज खिलाड़ी और कैफ़े मालिक इस फ़ैसले से दुखी हैं, और इस कदम ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मानसिक स्वास्थ्य और मनोरंजन पर इसके असर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। तालिबान शासन के तहत पहले भी महिला खेलों और एमएमए (मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स) पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

  • शासन: तालिबान अगस्त 2021 में दोबारा सत्ता में आया।

  • पूर्व प्रतिबंध: एमएमए प्रतियोगिताएं, विविध सांस्कृतिक गतिविधियां, महिला खेल।

  • धार्मिक कारण: तालिबान की व्याख्या के अनुसार शतरंज जुए को प्रोत्साहित करता है, जो इस्लाम में वर्जित है।

वर्तमान घोषणा

  • घोषणाकर्ता: अतल मशवानी, तालिबान खेल निदेशालय के प्रवक्ता।

  • तारीख: 12 मई 2025।

  • स्थिति: पूरे अफगानिस्तान में शतरंज का निलंबन।

  • शर्त: शरीया कानून की समीक्षा लंबित।

स्थानीय प्रभाव

  • काबुल के कई कैफ़े, जहां शतरंज खेला जाता था, उन्होंने यह गतिविधि बंद कर दी है।

  • शतरंज युवाओं में एक लोकप्रिय मानसिक व्यायाम और मनोरंजन का साधन था।

  • कैफ़े मालिक अज़ीज़ुल्लाह गुलज़ादा ने कहा कि यह प्रतिबंध मानसिक स्वास्थ्य और व्यवसाय दोनों पर बुरा असर डालता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

  • मानवाधिकार संगठनों और खेल निकायों ने इस प्रतिबंध की आलोचना की है।

  • ईरान, मिस्र और इंडोनेशिया जैसे अन्य मुस्लिम बहुल देशों में शतरंज को स्वीकार्यता प्राप्त है।

महत्व

  • यह तालिबान की सामाजिक व्यवहार पर कठोर पकड़ को दर्शाता है।

  • बौद्धिक और मनोरंजन गतिविधियों के लिए सिकुड़ती जगह की ओर संकेत करता है।

  • तालिबान शासन के तहत सामाजिक दमन की व्यापक तस्वीर को और गहरा करता है।

सारांश/स्थिर विवरण
क्यों चर्चा में है? शरीया कानून के तहत चिंताओं के चलते तालिबान सरकार ने अफगानिस्तान में शतरंज पर रोक लगाई है।
द्वारा तालिबान सरकार
कारण जुए को बढ़ावा देने और इस्लामी कानून के अनुपालन को लेकर चिंताएं
प्रभाव सामाजिक व्यवधान, कैफ़े व्यवसाय में नुकसान, युवाओं के मनोरंजन पर असर
लंबित निर्णय धार्मिक अधिकारियों की समीक्षा की प्रतीक्षा
पूर्व खेल प्रतिबंध एमएमए (मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स), अधिकांश महिला खेल गतिविधियाँ
वैश्विक प्रतिक्रिया मानवाधिकार संगठनों और खेल संस्थाओं द्वारा निंदा
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