Symbiosis University ने एशिया की पहली UNESCO चेयर शुरू की

सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने ‘जेंडर इन्क्लूजन और स्किल डेवलपमेंट’ पर एशिया की पहली UNESCO चेयर शुरू की है। इस पहल का मकसद AI, रोबोटिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे तेज़ी से बढ़ते सेक्टर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर उन्हें सशक्त बनाना है। यह ऐतिहासिक कदम भारत को स्किल डेवलपमेंट और भविष्य की नौकरियों में, खासकर महिलाओं के लिए, जेंडर गैप को पाटने के वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे ला खड़ा करेगा।

एशिया की पहली UNESCO चेयर ‘जेंडर इंक्लूजन’ पर लॉन्च

इस पहल का उद्घाटन कौशल मंत्रालय के श्री जयंत चौधरी ने एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किया, जिसका विषय था ‘Women Leading the Future of Work’ (महिलाएं काम के भविष्य का नेतृत्व कर रही हैं)।

इस लॉन्च की मुख्य बातें:

  • यह एशिया में अपनी तरह की पहली UNESCO चेयर है।
  • यह उभरते उद्योगों में जेंडर इंक्लूजन (लैंगिक समावेश) पर केंद्रित होगी।
  • इसमें UNESCO के साथ भी सहयोग शामिल है।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. स्वाति मजूमदार कर रही हैं, जो SSPU की प्रो-चांसलर थीं।

भविष्य के कौशलों और उभरती तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करना

इस चेयर का उद्देश्य महिलाओं को अगली पीढ़ी के उद्योगों के लिए तैयार करना भी है, जहाँ पारंपरिक रूप से उनकी भागीदारी कम रही है।

इसके अंतर्गत लक्षित प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  • रोबोटिक्स और ऑटोमेशन
  • सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी
  • रक्षा टेक्नोलॉजी
  • उन्नत विनिर्माण

इन क्षेत्रों को अब ‘सनराइज़ सेक्टर’ (तेज़ी से उभरते क्षेत्र) माना जाता है, जिनमें विकास की उच्च क्षमता और रोज़गार के भरपूर अवसर मौजूद हैं।

प्रशिक्षण और रोज़गार में सफलता पर अब तक का प्रभाव

इस पहल ने अब तक काफ़ी मज़बूत नतीजे दिखाए हैं।

  • कुल मिलाकर 10,000 से ज़्यादा वंचित लड़कियों को प्रशिक्षित किया गया है।
  • साथ ही, उन्हें अत्याधुनिक तकनीकों से भी परिचित कराया गया है।
  • और कई उम्मीदवारों को अच्छी-खासी सैलरी वाली नौकरियाँ मिली हैं।

यह भारत में कौशल-आधारित शिक्षा मॉडलों की बढ़ती सफलता को दर्शाता है।

वैश्विक सहयोग और उद्योग की भागीदारी

इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में निम्नलिखित संस्थाओं की भागीदारी देखने को मिली:

  • अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन
  • UNESCO-UNEVOC
  • अग्रणी कंपनियाँ जैसे:
  • लार्सन एंड टुब्रो
  • IBM
  • Capgemini
  • Barclays

यह भागीदारी उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मज़बूत सहयोग को रेखांकित करती है, जो वास्तविक दुनिया के कौशल विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

नई पहलें, मेंटरशिप और अनुसंधान

इस कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी को मज़बूत करने के लिए नए कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।

शुरू की गई प्रमुख पहलें

  • STEM क्षेत्र में लड़कियों के लिए ‘कुशल साथी’ मेंटरशिप कार्यक्रम।
  • साथ ही, लिंग और कार्य पर आधारित एक अनुसंधान संकलन का विमोचन।

इन पहलों का उद्देश्य दीर्घकालिक मार्गदर्शन, सहयोग और करियर के रास्ते तैयार करना है।

UNESCO Chair क्या है?

UNESCO Chair एक ऐसा कार्यक्रम है जिसे UNESCO द्वारा इन उद्देश्यों के लिए स्थापित किया गया है:

  • अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।
  • यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगा।
  • यह शिक्षा, स्थिरता और समानता जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करेगा।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago