लोकसभा ने सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2016 पारित किया है इसका लक्ष्य वाणिज्यिक सरोगेसी और उससे संबंधित अनैतिक प्रथाओं को प्रतिबंधित करना है. इस विधेयक में सरोगेसी के विनियमन के लिए राष्ट्रीय सरोगेसी बोर्ड, राज्य सरोगेसी बोर्ड और उपयुक्त प्राधिकरणों की नियुक्ति के प्रावधान हैं.
यह केवल उन जोड़ों के लिए सरोगेसी की अनुमति देता है जो बच्चे का गर्भ धारण नहीं कर सकते हैं. इच्छुक जोड़े भारतीय नागरिक होने चाहिए और कम से कम पांच वर्ष से विवाहित होना चाहिए, साथ ही उनमें से कम से कम एक अनुर्वर हो. सरोगेट मां को एक करीबी रिश्तेदार होना चाहिए जिसने विवाह किया हो और उसका अपना एक बच्चा हो.
स्रोत: AIR World Service



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