सुप्रीम कोर्ट के सीनियर मोस्ट जज जस्टिस डी वाई चन्द्रचूड़ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा के 31 वें कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद जस्टिस डी वाई चन्द्रचूड़ की नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
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नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जस्टिस चन्द्रचूड़ का कार्यकाल 9 नवंबर 2022 तक रहेगा। जस्टिस चन्द्रचूड़ 9 नवंबर को वर्तमान सीजेआई जस्टिस ललित के सेवानिवृत होने पर देश के 50 वे मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेंगे। इस तरह वे नालसा के इतिहास में सबसे छोटे कार्यकाल यानी 67 दिन के लिए कार्यकारी अध्यक्ष होंगे। जस्टिस एस एच कपाड़िया ने 4 माह का कार्यकाल होने के चलते कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण नहीं किया था।
जस्टिस चन्द्रचूड़ वर्तमान सीजेआई जस्टिस यूयू ललित की सेवानिवृति के बाद देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ 9 नवंबर 2022 से 10 नवंबर 2024 तक पूरे दो साल देश के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहेंगे। मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस चन्द्रचूड़ देश के 50 वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को वर्तमान सुप्रीम कोर्ट में सबसे ज्यादा हाईटेक जज के रूप में भी जाना जाता है। जस्टिस चन्द्रचूड़ की स्कूली शिक्ष सेंट कोलंबा दिल्ली से होने के बाद उन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से गणित और अर्थशास्त्र में ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन किया। दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री एलएलबी करने के बाद एलएलएम के लिए हावर्ड चले गए। हावर्ड से ही उन्होंने एलएलएम करने के बाद ज्यूरिडिकल साइंस में डॉक्टरेट की।
जस्टिस चंद्रचूड़ देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वाई वी चंद्रचूड़ के बेटे हैं। 12 मई 2016 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट में उन्हें एक सख्त जज के रूप में जाना जाता है जो कानून की सीमाओं में रहने के लिए बाध्य करते हैं।
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