सामाजिक कार्यकर्ता सिंधुताई सपकाल (Sindhutai Sapkal), जिन्हें ‘अनाथों की माँ (Mother of Orphans)’ कहा जाता था, का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें केवल ‘सिंधुताई’ या ‘माई’ के रूप में भी जाना जाता था। उन्हें 2021 में सामाजिक कार्य श्रेणी में पद्म श्री (Padma Shri) से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें अपने जीवनकाल में 750 से अधिक पुरस्कार और सम्मान मिले थे। उन्होंने करीब 2,000 अनाथों को गोद लिया और इससे भी ज्यादा की दादी हैं। वह महाराष्ट्र की रहने वाली थीं। उनके जीवन पर एक बायोपिक “मी सिंधुताई सपकाल (Mee Sindhutai Sapkal)” वर्ष 2010 में रिलीज़ हुई थी।
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