भारत सरकार ने सियाचिन बेस कैंप से कुमार पोस्ट तक पूरे क्षेत्र को पर्यटन के लिए खोल दिया है. यह कदम लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है. यह लोगों को विपरीत मौसम और दुर्गम इलाकों में सेना के जवानों और इंजीनियरों द्वारा किए गए कठिन काम की सराहना करने का भी अवसर देगा.
काराकोरम रेंज में लगभग 20,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया में सबसे अधिक सैन्यीकृत क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, जहां सैनिकों को फ्रॉस्टबाईट और तेज़ हवाओं से जूझना पड़ता है. ग्लेशियर 1984 में ‘ऑपरेशन मेघदूत’ के बाद भारत के रणनीतिक नियंत्रण में आ गया है.
स्रोत: द बिजनेस स्टैंडर्ड



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