भारतीय रिजर्व बैंक ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर आरबीआई के निर्देशों का पालन न करने के कारण कार्रवाई की है। इसके तहत तीन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर मौद्रिक दंड लगाया है। आरबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, उसने गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर 5 लाख रुपये, आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर 5 लाख रुपये और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड पर 3.5 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है।
नियामक की तरफ से यह कार्रवाई राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 52ए के प्रावधानों के तहत आरबीआई को दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। आरबीआई के अनुसार, इन कंपनियों का वैधानिक निरीक्षण राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) द्वारा 31 मार्च, 2022 तक उनकी वित्तीय स्थिति के संदर्भ में किया गया था।
आरबीआई ने क्या कहा?
आरबीआई ने कहा कि केंद्रीय बैंक के निर्देशों का पालन न करने की बात सामने आने और उस संबंध में संबंधित पत्राचार के आधार पर, कंपनियों को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें कारण बताने की सलाह दी गई थी कि आरबीआई के निर्देशों का पालन न करने के लिए उन पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।
नोटिस पर कंपनियों के जवाब
नोटिस पर कंपनियों के जवाबों, व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान मौखिक प्रस्तुतियों और उनके द्वारा किए गए अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने पाया कि गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड 75 लाख रुपये और उससे अधिक के कुछ ऋणों को मंजूरी देने से पहले दो स्वतंत्र मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त करने में विफल रही।
आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के लिए, आरबीआई ने कहा कि कंपनी ने कुछ उधारकर्ताओं को ऋण के वास्तविक संवितरण/चेक जारी करने की तारीख से पहले की अवधि के लिए ऋण पर ब्याज लगाया गया, जो ‘निष्पक्ष व्यवहार संहिता’ पर आरबीआई के निर्देशों का उल्लंघन है।
हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड पर जुर्माना इसलिए लगाया गया है क्योंकि कंपनी वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान अपने ग्राहकों का जोखिम आकलन करने में विफल रही। कंपनी ने खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा के लिए कोई प्रणाली नहीं बनाई और एनएचबी अधिनियम की धारा 29बी के अनुसार निर्देशों का अनुपालन भी नहीं किया गया।


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