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राजस्थान दिवस: इतिहास, भूगोल, महत्व और तथ्य

राजस्थान दिवस जिसे राजस्थान स्थापना दिवस भी कहा जाता है, हर साल 30 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन 1949 में जोधपुर, जयपुर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे रियासतों के एकीकरण और ग्रेटर राजस्थान के गठन की स्मृति में मनाया जाता है। ब्रिटिश शासन के दौरान यह क्षेत्र “राजपूताना” के नाम से जाना जाता था। राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और भव्य स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है।

राजस्थान दिवस के प्रमुख बिंदु

राजस्थान का गठन

  • आधिकारिक रूप से राजस्थान का गठन – 30 मार्च 1949
  • स्वतंत्रता से पहले इसे “राजपूताना” के नाम से जाना जाता था।
  • 1948 से 1956 के बीच सात चरणों में राजस्थान का एकीकरण हुआ।
  • जयपुर को राजस्थान की राजधानी घोषित किया गया।

राजस्थान का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

प्राचीन काल (1200 ईसवी पूर्व तक)

  • यह क्षेत्र मौर्य साम्राज्य का हिस्सा था और बाद में प्रतिहार, चालुक्य, परमार और चौहान वंशों का शासन रहा।

मध्यकाल (1201–1707)

  • 1200 ईस्वी के बाद राजस्थान का कुछ भाग मुस्लिम शासन के अधीन आया (नागौर, अजमेर, रणथंभौर)।

  • मेवाड़ सबसे प्रमुख राजपूत राज्य के रूप में उभरा।

आधुनिक काल (1707–1947)

  • मुगल साम्राज्य के पतन (1707) के बाद मराठों के आक्रमण बढ़े।

  • ब्रिटिश शासन के दौरान इसे “राजपूताना” के रूप में संगठित किया गया।

राजस्थान के एकीकरण के सात चरण

एकीकरण चरण शामिल राज्य तारीख
मत्स्य संघ अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली 17-03-1948
राजस्थान संघ बांसवाड़ा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, किशनगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा, टोंक 25-03-1948
यूनाइटेड स्टेट ऑफ राजस्थान उदयपुर राजस्थान संघ में शामिल 18-04-1948
ग्रेटर राजस्थान बीकानेर, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर 30-03-1949
यूनाइटेड स्टेट ऑफ ग्रेटर राजस्थान मत्स्य संघ का विलय 15-05-1949
यूनाइटेड राजस्थान 18 राज्य एकीकृत, सिरोही (अबू एवं देलवाड़ा को छोड़कर) जोड़ा गया 26-01-1950
पुनर्गठित राजस्थान अजमेर, अबू रोड, सिरोही, सुनल टप्पा शामिल; सिरोंज को मध्य प्रदेश में भेजा गया 01-11-1956

राजस्थान का भूगोल और वन्यजीव

  • भारत का सबसे बड़ा राज्य, जो देश के उत्तर-पश्चिम भाग में स्थित है।
  • 9 प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र – अजमेर, हाड़ौती, धूंधाड़, गोडवाड़, शेखावाटी, मेवाड़, मारवाड़, वागड़ और मेवात।
  • केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर) – पक्षी प्रजातियों के लिए UNESCO विश्व धरोहर स्थल

तीन प्रमुख बाघ अभयारण्य

  • रणथंभौर (सवाई माधोपुर)

  • सरिस्का (अलवर)

  • मुकुंदरा हिल्स (कोटा)

राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत

  • सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल – कालीबंगा (हनुमानगढ़), बालाथल (उदयपुर)।
  • दिलवाड़ा मंदिर (माउंट आबू) – जैन धर्म का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल।
  • राजस्थान के किले और महल – जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, और कुंभलगढ़ के ऐतिहासिक किले।

राजस्थान दिवस न केवल राज्य की ऐतिहासिक यात्रा को याद करने का अवसर है, बल्कि इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं को सम्मान देने का भी पर्व है।

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