राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बेंगलुरु में HAL द्वारा स्थापित एकीकृत क्रायोजेनिक इंजन निर्माण केंद्र (ICMF) का उद्घाटन किया। बता दें यहां भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए एक ही स्थान पर पूरे रॉकेट इंजन का उत्पादन किया जा सकेगा। दरअसल, HAL द्वारा स्थापित एकीकृत क्रायोजेनिक इंजन निर्माण केंद्र (ICMF) का निर्माण 4,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया गया है।
बता दें कि साल 2013 में HAL की अंतरिक्ष विज्ञान डिवीजन में क्रायोजेनिक इंजन मॉड्यूल का निर्माण केंद्र स्थापित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे। हालांकि, साल 2016 में इसमें संशोधन कर 208 करोड़ रुपये के निवेश के साथ आईसीएमएफ की स्थापना का लक्ष्य रखा गया था।
HAL के अनुसार क्रायोजेनिक इंजन की जटिलता के कारण आज तक केवल कुछ ही देश इसमें महारत हासिल कर पाए हैं। जिनमें अमेरिका, फ्रांस, जापान, चीन और रूस शामिल हैं। बता दें कि 5 जनवरी 2014 को भारत ने क्रायोजेनिक इंजन के साथ जीएसएलवी-डी5 को सफलतापूर्वक उड़ाया और क्रायोजेनिक इंजन विकसित करने वाला छठा देश बन गया है।
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