प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन किया। डॉ. पाटिल की आत्मकथा का शीर्षक ‘देह वीचवा करणी’ है, जिसका अर्थ “अपना जीवन किसी नेक काम के लिए समर्पित कर देना है“। डॉ. पाटिल कई बार लोकसभा के सदस्य भी रहे थे। उनका साल 2016 में 84 साल की उम्र में निधन हो गया।
WARRIOR 3.0 | Banking Awareness Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams | Bilingual | Live Class
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने प्रवर रूरल शिक्षा सोसाइटी का नाम बदलकर उनके नाम पर ‘लोकनेते डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ कर दिया। इस सोसाइटी की स्थापना अहमदनगर के लोनी जिले में ग्रामीण लोगों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने और बालिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई थी।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…
प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने…
जिन्सन जॉनसन, भारत के प्रसिद्ध मध्य-दूरी धावक, ने प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा की…
ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का…
बेंगलुरु स्थित रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) के वैज्ञानिकों ने ठंडे परमाणुओं (कोल्ड एटम्स) को बिना…