भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च की गई भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित हाइड्रोजन फ्यूल सेल फेरी में जीरो एमिशन (शून्य उत्सर्जन) और जीरो नॉइज (शून्य ध्वनि) है और यह ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम कर सकती है।
फ्यूल सेल फेरी का निर्माण कोचीन शिपयार्ड ने किया है। इसके मुताबिक, समुद्री ईंधन के रूप में हरित हाइड्रोजन को अपनाना भारत की एक सतत भविष्य के लिए प्रतिबद्धता के मामले में सबसे आगे है, जिसका लक्ष्य 2070 तक और नेट जीरो एमिशन (शुद्ध शून्य उत्सर्जन) हासिल करना है।
बयान में कहा गया कि ईंधन सेल से चलने वाले पोत में शून्य उत्सर्जन, शून्य शोर होता है और यह ऊर्जा कुशल होता है, जो बदले में ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम करता है। शीघ्र अपनाने से भारत को हरित ऊर्जा नेतृत्व में वैश्विक बढ़त मिलती है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारतीय सिनेमा के लिए रविवार (05 अप्रैल 2026) की रात बेहद खास बन गई, जब…
सीमा सड़क संगठन के 'प्रोजेक्ट चेतक' ने बीकानेर में अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया। यह…
विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस (IDSDP) हर साल 6 अप्रैल को दुनिया…
AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…
बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…
भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…