पुनर्निर्मित सुगम्य भारत ऐप: दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की दिशा में एक नया कदम

भारत के सुगम्य भारत अभियान (Accessible India Campaign) के अंतर्गत विकसित सुगम्य भारत ऐप को हाल ही में पुनर्निर्मित (revamp) किया गया है ताकि इसे अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और प्रभावशाली बनाया जा सके। यह ऐप दिव्यांगजन (Persons with Disabilities – PwDs) और वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है, जिससे वे सार्वजनिक स्थलों, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी में पहुँच संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकें और विभिन्न योजनाओं व संसाधनों की जानकारी प्राप्त कर सकें।

सुगम्य भारत ऐप के बारे में

  • यह ऐप वर्ष 2021 में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था।

  • यह एक क्राउडसोर्सिंग प्लेटफ़ॉर्म है, जिसके माध्यम से नागरिक निर्माण, परिवहन प्रणाली और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) में मौजूद पहुँच बाधाओं की पहचान और समाधान के लिए रिपोर्ट कर सकते हैं।

  • यह ऐप भारत सरकार के सुगम्य भारत अभियान के तहत सार्वभौमिक पहुँच (Universal Accessibility) सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य विशेषताएँ और नए सुधार 

  1. उपयोगकर्ता-अनुकूल डिज़ाइन 

    • सरल नेविगेशन, सुलभ ड्रॉप-डाउन मेनू, वीडियो ट्यूटोरियल्स और फ़ॉन्ट साइज, स्क्रीन रीडर व कलर कॉन्ट्रास्ट जैसी सहायक सुविधाएँ जोड़ी गई हैं।

  2. एआई-सक्षम चैटबॉट सहायता 

    • ऐप में अब एक चैटबॉट जोड़ा गया है जो उपयोगकर्ताओं को वास्तविक समय में योजनाओं, शिकायत पंजीकरण और प्रक्रियाओं से संबंधित सहायता प्रदान करता है।

  3. जियो-टैग्ड शिकायत अपलोड 

    • उपयोगकर्ता अब अपनी शिकायतों के साथ स्थान की जानकारी और फ़ोटो अपलोड कर सकते हैं, जिससे संबंधित प्राधिकरण शीघ्र कार्रवाई कर सकें।

  4. नोटिफिकेशन और परिपत्र 

    • ऐप पर नई योजनाओं, पहल, शिकायत की स्थिति और सलाहों से संबंधित अपडेट प्राप्त किए जा सकते हैं।

  5. शिकायत ट्रैकिंग और रिमाइंडर 

    • उपयोगकर्ता अपनी शिकायतों की स्थिति देख सकते हैं, ईमेल अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं और समाधान की प्रगति को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकते हैं।

  6. बहुभाषीय समर्थन 

    • यह ऐप 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और स्क्रीन रीडर, टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी सुलभ तकनीकों के साथ संगत है।

प्रयोग और प्रभाव 

  • 25 जून 2025 तक ऐप पर 14,358 पंजीकृत उपयोगकर्ता और 83,791 डाउनलोड दर्ज किए गए (82,291 एंड्रॉयड, 1,500 iOS)।

  • कुल 2,705 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 1,897 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।

  • ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है।

  • पुनर्निर्मित ऐप अब अधिक सहज, उत्तरदायी और संसाधन-संयुक्त है, जिससे दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को वास्तविक सशक्तिकरण का अनुभव प्राप्त होगा।

संक्षिप्त तथ्य 

  • लॉन्च वर्ष: 2021

  • पुनर्निर्माण तिथि: 2025

  • विकसित किया गया: DEPwD, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा

  • उद्देश्य: सार्वभौमिक पहुँच और शिकायत समाधान

  • समर्थित भाषाएँ: 23 भारतीय भाषाएँ

  • डाउनलोड: 83,791 (जून 2025 तक)

पलाऊ में दुनिया का पहला लाइव अंडरवाटर इंटरव्यू आयोजित

इतिहास में पहली बार पलाऊ (Palau) के राष्ट्रपति सुरांगेल व्हिप्स जूनियर (Surangel Whipps Jr.) ने प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) की गहराइयों में लाइव अंडरवाटर इंटरव्यू किया। इस अनोखे प्रसारण में लाइ-फाई (Li-Fi) तकनीक का उपयोग किया गया, जो पारंपरिक रेडियो तरंगों के बजाय प्रकाश के माध्यम से डेटा संचारित करती है। इस इंटरव्यू का उद्देश्य महासागर संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के खतरों और पलाऊ जैसे छोटे द्वीपीय देशों के अस्तित्वगत संकटों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करना था।

अंडरवाटर इंटरव्यू और उसका संदेश

  • यह साक्षात्कार समुद्र के भीतर हुआ, जिसमें राष्ट्रपति सुरांगेल व्हिप्स जूनियर और समुद्री कार्यकर्ता मर्ल लीवांड (Merle Liivand) ने वास्तविक समय में बातचीत की।

  • इसमें प्रयुक्त Li-Fi तकनीक प्रकाश के माध्यम से डेटा संचारित करती है, जो पानी के भीतर संचार के लिए रेडियो तरंगों की तुलना में अधिक प्रभावी है।

  • इस अद्वितीय पहल के ज़रिए पलाऊ के नेतृत्व ने महासागरीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, मूंगा भित्तियों (coral reefs) के क्षरण, समुद्र स्तर में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन के असमान प्रभावों पर वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया।

पलाऊ: प्रमुख तथ्य

  • स्थान: पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश

  • संरचना: लगभग 300 द्वीपों का समूह, कुल भूमि क्षेत्र लगभग 458 वर्ग किलोमीटर

  • भौगोलिक स्थिति: उत्तरी और पूर्वी गोलार्ध दोनों में फैला हुआ

  • सीमाएँ: माइक्रोनेशिया (पूर्व), इंडोनेशिया (दक्षिण), फिलीपींस (पश्चिम) और उत्तर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र

  • राजधानी: नगेरुलमुद (Ngerulmud) – विश्व की सबसे कम जनसंख्या वाली राजधानी

  • मुख्य शहर: कोरर (Koror) – देश का वाणिज्यिक केंद्र

  • आधिकारिक भाषाएँ: पलाऊअन और अंग्रेज़ी; साथ ही जापानी, सॉन्सोरोलीज़ और टोबियन भी बोली जाती हैं

  • स्वतंत्रता: वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र के अमेरिकी प्रशासित ट्रस्टीशिप से स्वतंत्र हुआ

  • अमेरिका से संबंध: “कॉम्पैक्ट ऑफ फ्री एसोसिएशन” समझौते के तहत अमेरिका रक्षा और वित्तीय सहायता प्रदान करता है तथा सैन्य ठिकानों की स्थापना का अधिकार रखता है।

महत्व और निहितार्थ

  • यह विश्व का पहला अंडरवाटर इंटरव्यू केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सशक्त प्रतीकात्मक कदम है।

  • इसने महासागर संरक्षण और जलवायु न्याय के लिए वैश्विक विमर्श को गहराई दी है, विशेष रूप से छोटे द्वीपीय देशों के संदर्भ में।

  • Li-Fi तकनीक के माध्यम से नवाचारपूर्ण संवाद का यह उदाहरण दर्शाता है कि आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग सामाजिक और पर्यावरणीय संदेशों के प्रसार में कैसे किया जा सकता है।

  • इस पहल ने पलाऊ की पहचान को महासागर के संरक्षक और जलवायु नेतृत्वकर्ता देश के रूप में और भी सशक्त किया है।

Economics Nobel 2025: जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को अर्थशास्त्र का नोबेल

अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो गया है. इस साल यह पुरस्कार जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को संयुक्त रूप से दिया गया है। यह पुरस्कार इनोवेशन ड्रिवन इकोनॉमिक ग्रोथ (Innovation-Driven Economic Growth) की अवधारणा को समझाने के लिए प्रदान किया गया। पिछले साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार डेरॉन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए रॉबिन्सन को दिया गया था।

आर्थशास्त्र के नोबेल विजेताओं का कहां से नाता?

जोएल मोकिर अमेरिका के नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। वहीं, फिलिप अघियन फ्रांस के कॉलेज डी फ्रांस और INSEAD और ब्रिटेन के द लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से ताल्लुक रखते हैं। पीटर हॉविट अमेरिका के ब्राउन यूनिवर्सिटी से संबंध रखते हैं। इन्हें सतत विकास के लिए स्थितियों की पहचान करने के लिए वर्ष 2025 के लिए आर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है।

नोबेल समिति ने विजेताओं के बारे में क्या बताया?

नोबेल समिति ने बताया कि मोकिर ने “यह प्रदर्शित किया कि यदि नवाचारों को एक स्व-उत्पादक प्रक्रिया में एक-दूसरे का उत्तराधिकारी बनाना है, तो हमें न केवल यह जानना होगा कि कोई चीज कैसे काम करती है, बल्कि हमें यह भी जानना होगा कि ऐसा क्यों होता है।”

अघियन और हॉविट ने सतत विकास के पीछे के तंत्र का भी अध्ययन किया। इसमें 1992 का एक लेख भी शामिल है, जिसमें उन्होंने रचनात्मक विनाश नामक गणितीय मॉडल का निर्माण किया। इसमें बताया गया कि जब एक नया और बेहतर उत्पाद बाजार में प्रवेश करता है, तो पुराने उत्पाद बेचने वाली कंपनियां नुकसान में आ जाती हैं।

अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के बारे में

  • अर्थशास्त्र में नोबेल अब तक 99 व्यक्तियों को दिया गया है।
  • अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार 1968 में शुरू किया गया।
  • आर्थिक विज्ञान में यह पुरस्कार 1969 से अब तक 56 बार प्रदान किया जा चुका है।
  • आर्थिक विज्ञान में पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति एस्तेर डुफ्लो थीं, जिनकी आयु 46 वर्ष थी।
  • आर्थिक विज्ञान में पुरस्कार पाने वाले सबसे बुजुर्ग व्यक्ति 90 वर्ष की आयु में लियोनिद हर्विक्ज थे।

अर्थशास्त्र में नोबेल मेमोरियल प्राइज के आयोजनकर्ता रॉयल स्वीडिश सोसाइटी की ओर से इसके विजेता या विजेताओं के नाम का एलान किया गया। पिछले वर्ष का पुरस्कार तीन अर्थशास्त्रियों- डेरॉन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए. रॉबिन्सन को दिया गया था।

साहित्य के लिए 2025 का नोबेल पुरस्कार लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई को मिला

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने गुरुवार 9 अक्टूबर को साहित्य के नोबेल पुरस्कार का एलान किया। साल 2025 के लिए साहित्य का नोबेल प्राइज हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई को दिया गया। लास्जलो को ये पुरस्कार उनके मनमोहक और दूरदर्शी कामों के लिए दिया गया।

पिछले साल साहित्य में नोबेल पुरस्कार दक्षिण कोरिया की लेखिका हान कांग को दिया गया था। जिन्होंने मानव जीवन की नाजुकता को उजागर करने से संबंधित लेखनी का कार्य किया था। साहित्य में नोबेल पुरस्कार इस हफ्ते घोषित होने वाला चौथा पुरस्कार था, इससे पहले में मेडिसिन, फिजिक्स आयर केमिस्ट्री में नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई थी।

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नोबेल विजेताओं को कितनी मिलती है धनराशी?

नोबेल पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु की सालगिरह पर आयोजित किया जाएगा। अल्फ्रेड नोबेल एक स्वीडिश वज्ञानिक थे जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था। 1896 में उनके निधन के पांच साल बाद 1901 में इस पुरस्कार कीशुरुआत हुई थी। जिसके बाद हर साल इस पुरस्कार को दिया जाता है। पुरस्कार पाने वाले विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग साढ़े दस करोड़ रुपए) कि पुरस्कार राशि दी जाती है। साथ ही विनर को 18 कैरेट का गोल्ड मेडल और एक डिप्लोमा भी दिया जाता है।

कौन हैं लास्जलो क्रास्ज्नाहोरकाई?

लेखक क्रास्ज्नाहोरकाई का जन्म 1954 में दक्षिण-पूर्वी हंगरी के रोमानियाई बोर्डर के पास, ग्युला नामक छोटे से कस्बे में हुआ था। साल 1985 में प्रकाशित उनके पहले उपन्यास ‘सतांतंगो’ से यो चर्चे में आयें, जो हंगरी में एक साहित्यिक सनसनी थी। उन्होंने अपने उम्न्यास ‘हर्श्ट 07769’ के जरिये देश की सामाजिक अशांति को सटीकता से चित्रित किया था।

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भारत का पहला सेमीकंडक्टर नवाचार संग्रहालय खुला

भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, सेमीकंडक्टर इनोवेशन म्यूज़ियम का उद्घाटन 12 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में टेक्नोलॉजी चिप इनोवेशन प्रोग्राम (T-Chip) द्वारा किया गया। यह संग्रहालय भारत में अपनी तरह का पहला केंद्र है, जिसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र में जनसहभागिता और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देना है।

दृष्टि और उद्देश्य

संग्रहालय की स्थापना निम्नलिखित लक्ष्यों के साथ की गई है—

  • भारत की बढ़ती सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित करना

  • नवाचार, निवेश और प्रतिभा खोज के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करना

  • इंजीनियरों, डेवलपर्स और नीति निर्माताओं की नई पीढ़ी को प्रेरित करना

  • निवेशकों और तकनीकी नेताओं के लिए मासिक डेमो डे, वैश्विक प्रदर्शन और नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित करना

यह पहल हैदराबाद को एक उभरते सेमीकंडक्टर इनोवेशन क्लस्टर के रूप में मजबूत करती है और भारत के वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने के व्यापक लक्ष्य से मेल खाती है।

प्रदर्शन की प्रमुख झलकियाँ

संग्रहालय में तकनीक और नवाचार को प्रदर्शित करने वाले कई इंटरैक्टिव मॉडल हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • भारत का पहला स्वदेशी एआई चिप

  • एआई-संचालित मानवाकृति रोबोट

  • रोबोटिक पालतू साथी

  • पुन: प्रयोज्य रॉकेट इंजन प्रोटोटाइप

  • नई पीढ़ी की ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) तकनीक और स्मार्ट डिस्प्ले सिस्टम

ये प्रदर्शन न केवल भारत की तकनीकी प्रगति को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि सेमीकंडक्टर का उपयोग रक्षा, अंतरिक्ष, गतिशीलता और उपभोक्ता प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कैसे हो रहा है।

रणनीतिक प्रासंगिकता

भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विस्तार इन वैश्विक परिस्थितियों के बीच हो रहा है—

  • चिप की वैश्विक कमी

  • आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पर भू-राजनीतिक ध्यान

  • ईवी, 5जी, आईओटी और एआई-आधारित उत्पादों में बढ़ती मांग

यह संग्रहालय नीति स्तर की पहलों को पूरक बनाता है, जैसे—

  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM)

  • इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए PLI योजनाएँ

  • डिजिटल इंडिया के तहत स्टार्टअप और डिजाइन इनक्यूबेटर

हैदराबाद का बढ़ता तकनीकी योगदान

हैदराबाद तेजी से एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है, विशेष रूप से—

  • फैबलेस चिप डिजाइन,

  • उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण,

  • एआई और डीप-टेक अनुसंधान एवं विकास (R&D) में।

AMD, Qualcomm जैसी अग्रणी कंपनियाँ और अब T-Chip का इनोवेशन इकोसिस्टम हैदराबाद को भारत के राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर नर्व सेंटर के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

स्थैतिक तथ्य 

  • उद्घाटन तिथि: 12 अक्टूबर 2025

  • स्थान: हैदराबाद, तेलंगाना

  • द्वारा: T-Chip (टेक्नोलॉजी चिप इनोवेशन प्रोग्राम)

  • भारत का पहला: सेमीकंडक्टर इनोवेशन म्यूज़ियम

  • मुख्य प्रदर्शन: स्वदेशी एआई चिप, एआई रोबोट, ईवी सिस्टम, पुन: प्रयोज्य रॉकेट इंजन

  • कार्यक्रम: मासिक डेमो, निवेशक मीट, वैश्विक टेक प्रदर्शनी

भारत करेगा यूएनटीसीसी सम्मेलन की मेजबानी

संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सैनिकों का योगदान देने वाले देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों के सम्मेलन का भारत 14 से 16 अक्टूबर तक मेजबानी करेगा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, शांति अभियानों के लिए अवर महासचिव (यूएसजी, डीपीओ), जीन पियरे लैक्रोइक्स भाग लेंगे। यह महत्वपूर्ण तीन दिवसीय कार्यक्रम 32 देशों के सैन्य नेताओं को एक मंच पर लाता है, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं। सम्मेलन का उद्देश्य संचालन संबंधी चुनौतियों पर चर्चा करना, सहयोग को बढ़ाना और वैश्विक शांति अभियानों में सामूहिक समझ और समन्वय को प्रोत्साहित करना है।

भारत की भूमिका और सम्मेलन के उद्देश्य
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में सैनिक योगदान देने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रति इसका लंबा और प्रतिबद्ध इतिहास है। यह सम्मेलन निम्नलिखित विषयों पर संवाद का मंच प्रदान करता है:

  • संघर्ष क्षेत्रों में संचालन संबंधी चुनौतियाँ

  • शांति अभियानों के सामने उभरते वैश्विक खतरे

  • क्षेत्रीय संचालन में सर्वोत्तम प्रथाएँ

  • साझा प्रशिक्षण और संसाधनों के माध्यम से क्षमता निर्माण

  • द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना

यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विचारधारा “वसुधैव कुटुम्बकम” के अनुरूप भी है, जिसका अर्थ है कि पूरी दुनिया एक परिवार है।

सम्मेलन की संरचना

संपूर्ण सत्र और उच्च स्तरीय संवाद:
सीनियर रक्षा अधिकारी, जिनमें प्रमुख और प्रतिनिधि मंडलों के प्रमुख शामिल हैं, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा, इंटरऑपरेबिलिटी और शांति स्थापना में सामरिक नवाचारों पर केंद्रित चर्चा में भाग लेंगे।

क्षमता निर्माण और सांस्कृतिक कार्यक्रम:
सम्मेलन में रक्षा प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसमें भारत की स्वदेशी तकनीक और शांति स्थापना उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा, द्विपक्षीय बैठकें और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि कूटनीतिक और सैन्य सहयोग को और गहरा किया जा सके।

भाग लेने वाले देश:
सम्मेलन में 32 देशों की भागीदारी है, जिनमें शामिल हैं:
अल्जीरिया, आर्मेनिया, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, ब्राज़ील, बुरुंडी, कंबोडिया, मिस्र, इथियोपिया, फिजी, फ्रांस, घाना, इटली, कजाकिस्तान, केन्या, किर्गिज़स्तान, मेडागास्कर, मलेशिया, मंगोलिया, मोरक्को, नेपाल, नाइजीरिया, पोलैंड, रवांडा, श्रीलंका, सेनेगल, तंज़ानिया, थाईलैंड, युगांडा, उरुग्वे और वियतनाम।

यह ध्यान देने योग्य है कि पाकिस्तान और चीन को आमंत्रित नहीं किया गया है, जो भारत की रणनीतिक दृष्टिकोण और साझेदार देशों के चयन में परिचालन अनुभव और सामंजस्य को दर्शाता है।

स्थैतिक तथ्य:

  • कार्यक्रम का नाम: UN Troop Contributing Countries’ Chiefs’ Conclave

  • आयोजन तिथि: 14–16 अक्टूबर 2025

  • स्थान: नई दिल्ली

  • मेज़बान: भारतीय सेना

  • भारत की रैंक: UN शांति स्थापना अभियानों में शीर्ष 3 सैनिक योगदानकर्ताओं में शामिल

अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस 2025

प्राकृतिक आपदाएँ जैसे भूकंप, सुनामी, बाढ़ और ज्वालामुखी विस्फोट हर साल दुनिया भर में व्यापक विनाश फैलाती हैं और लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं। हालांकि, पर्याप्त तैयारी और जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियों के माध्यम से इनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस (IDDRR) हर साल 13 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिवस सरकारों, समुदायों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा प्राकृतिक खतरों के जोखिम और प्रभाव कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सम्मानित करता है।

उद्देश्य और महत्व

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित, IDDRR का उद्देश्य है:

  • आपदा जोखिम कम करने में हुई उपलब्धियों का जश्न मनाना

  • आपदा रोकथाम के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना

  • प्रतिक्रियाशील (reactive) रणनीतियों से सक्रिय (proactive) रणनीतियों की ओर बदलाव को प्रोत्साहित करना

  • समुदायों को प्राकृतिक और मानव-जनित खतरों के प्रति सहिष्णु (resilient) बनाना

यह दिवस Sendai Framework for Disaster Risk Reduction (2015–2030) के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है, जिसका लक्ष्य जीवन, आजीविका और स्वास्थ्य में आपदा से होने वाले नुकसान को कम करना है।

आपदा जोखिम को समझना

आपदाएँ केवल प्राकृतिक खतरों के कारण नहीं होतीं। वे तब होती हैं जब ये खतरे संवेदनशील परिस्थितियों के साथ जुड़ जाते हैं, जैसे:

  • खराब शहरी योजना

  • अपर्याप्त अवसंरचना

  • पर्यावरणीय क्षरण

  • शुरुआती चेतावनी प्रणालियों का अभाव

इन अंतर्निहित जोखिम कारकों को संबोधित करके, समाज आपदा और गरीबी के चक्र को तोड़ सकता है, विशेष रूप से विकासशील देशों में।

यूनेस्को की भूमिका

यूनेस्को वैश्विक आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभाता है। यह देशों को मदद करता है:

  • शुरुआती चेतावनी प्रणालियों की स्थापना में तकनीकी सहायता देना

  • आपदा तैयारी पर शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना

  • विज्ञान-आधारित जोखिम विश्लेषण और मानचित्रण को बढ़ावा देना

  • जलवायु और आपदा-संबंधित जोखिमों का प्रबंधन करने की क्षमता बढ़ाना

यूनेस्को निवारक संस्कृति (culture of prevention) को भी बढ़ावा देता है, जिसमें निवेश शामिल हैं:

  • आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना

  • समुदाय-आधारित जोखिम न्यूनीकरण पहल

  • स्कूल पाठ्यक्रम में आपदा शिक्षा का समावेश

आपदा पूर्व कार्रवाई की आवश्यकता

हालांकि आपदा के बाद राहत आवश्यक है, ध्यान रोकथाम और तैयारी की ओर होना चाहिए। कुछ महत्वपूर्ण कदम हैं:

  • सभी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए जोखिम मूल्यांकन

  • समुदाय-आधारित शुरुआती चेतावनी प्रणालियाँ

  • आपदा सिमुलेशन और ड्रिल्स

  • संवेदनशील समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने वाली समावेशी नीतियाँ

सहिष्णुता (resilience) की शुरुआत जानकारी प्राप्त और सशक्त समुदायों से होती है, जो अपने जोखिम को समझते हैं और प्रभावी रूप से प्रतिक्रिया देने में सक्षम होते हैं।

स्थैतिक तथ्य

  • मनाया जाता है: हर साल 13 अक्टूबर

  • पहली बार घोषित: संयुक्त राष्ट्र महासभा

  • मुख्य उद्देश्य: आपदा रोकथाम और समुदाय की सहिष्णुता बढ़ाना

  • वैश्विक ढांचा: Sendai Framework for Disaster Risk Reduction (2015–2030)

  • यूनेस्को की भूमिका: शुरुआती चेतावनी, शिक्षा और जोखिम मानचित्रण में सहायता

सरकार का बड़ा फैसला, SBI एमडी व PSU बैंकों के ईडी पद पर हो सकेगी निजी क्षेत्र के लोगों की तैनाती

सरकार ने बैकिंग क्षेत्र के लिए एक बड़े फैसले का एलाान किया। अब देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित अन्य पीएसबी बैंकों में शीर्ष प्रबंधन पदों पर निजी क्षेत्र के उम्मीदवारों की तैनाती हो सकेगी। नए दिशा-निर्देशों केअनुसार एसबीआई में प्रबंध निदेशक के चार पदों में से एक पर निजी क्षेत्र के उम्मीदवारों और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों में काम करने वाले व्यक्तियों को काम करने का अवसर मिल सकेगा।

फिलहाल, सभी एमडी और अध्यक्ष पद आंतरिक उम्मीदवारों से ही भरे जाते हैं। नियुक्ति के संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार अब एमडी का एक पद निजी क्षेत्र के उम्मीदवारों की तैनाती के लिए उपलब्ध होगा।

नई नियुक्ति नीति में क्या बदलाव हैं?

मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित परिवर्तन अब प्रभावी हैं,

  • SBI के चार MD पदों में से एक पद अब निम्नलिखित के लिए खुला है:

    • निजी क्षेत्र के पेशेवर

    • अन्य सार्वजनिक क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों के कर्मचारी

  • इसी तरह कुछ Executive Director (ED) पद भी राष्ट्रीयकृत बैंकों में निजी क्षेत्र के लिए खुले हैं।

उद्देश्य:

  • नेतृत्व में विविधता बढ़ाना

  • निजी क्षेत्र के अनुभव को शामिल करना

  • निर्णय लेने की क्षमता और कार्यप्रदर्शन सुधारना

पात्रता मापदंड

एसबीआई एमडी (निजी क्षेत्र के आवेदकों) के लिए

  • कुल अनुभव: न्यूनतम 21 वर्ष

  • बैंकिंग में अनुभव: कम से कम 15 वर्ष

  • बोर्ड स्तर का अनुभव: कम से कम 2 वर्ष

पीएसयू बैंक ईडी पदों के लिए

  • कुल अनुभव: 18 वर्ष

  • बैंकिंग में अनुभव: कम से कम 12 वर्ष

  • बोर्ड स्तर से नीचे वरिष्ठ पद पर अनुभव: 3 वर्ष

पीएसबी आवेदकों के लिए

  • वर्तमान में सेवारत महाप्रबंधक या मुख्य महाप्रबंधक

  • GM और CGM स्तर पर कुल 4 वर्षों का अनुभव (FY 2027–28 तक)

  • भविष्य में CGM स्तर पर 2 वर्षों का अनुभव आवश्यक होगा

रणनीतिक महत्व

यह कदम निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करता है:

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पेशेवर नेतृत्व को बढ़ावा देना

  • क्रॉस-सेक्टर प्रतिभा को प्रोत्साहित करना

  • PSBs में गवर्नेंस, नवाचार और प्रदर्शन में सुधार

  • भारत में मेरिट-आधारित भर्ती पर ध्यान केंद्रित करना, खासकर बैंकिंग जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों में

स्थैतिक तथ्य

  • नीति की घोषणा: 10 अक्टूबर 2025

  • द्वारा: कैबिनेट की नियुक्ति समिति

  • SBI MD पद: 4 (1 अब निजी क्षेत्र के लिए खुला)

  • भारत में PSBs की संख्या: 11 (SBI के अलावा)

  • SBI MD – निजी क्षेत्र की पात्रता: 21 वर्ष कुल अनुभव, 15 वर्ष बैंकिंग, 2 वर्ष बोर्ड स्तर

  • ED – निजी क्षेत्र की पात्रता: 18 वर्ष कुल, 12 वर्ष बैंकिंग, 3 वर्ष वरिष्ठ गैर-बोर्ड स्तर

RBI ने टोकनयुक्त वित्त के लिए एकीकृत बाजार इंटरफेस लॉन्च किया

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने Unified Markets Interface (UMI) विकसित किया है, जो वित्तीय परिसंपत्तियों का टोकनाइजेशन और थोक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) का उपयोग कर लेन-देन सक्षम करने वाला अगली पीढ़ी का वित्तीय मंच है। यह पहल Global Fintech Fest 2025 में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा घोषित की गई। UMI, RBI की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर दृष्टि का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बाजार दक्षता, सुरक्षा और वित्तीय समावेशन को बढ़ाना है।

एकीकृत बाजार इंटरफेस (यूएमआई) क्या है?

UMI एक तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म है, जो निम्नलिखित कार्य करता है:

  • वित्तीय परिसंपत्तियों (जैसे बॉन्ड, सिक्योरिटीज) को ब्लॉकचेन के माध्यम से डिजिटल टोकन में परिवर्तित करना

  • थोक CBDC के उपयोग से सेटलमेंट और लेन-देन करना

  • बाजार में पहुंच, पारदर्शिता और सेटलमेंट गति बढ़ाना

  • फ्रैक्शनल ओनरशिप को सक्षम करना और निवेशक भागीदारी बढ़ाना

टोकनाइजेशन का मतलब है कि वास्तविक वित्तीय परिसंपत्तियाँ डिजिटल रूप में ब्लॉकचेन पर प्रदर्शित होती हैं, जिससे वे व्यापार योग्य, विभाज्य और व्यापक दर्शकों के लिए सुलभ बनती हैं।
स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स का उपयोग करके यह कैपिटल मार्केट्स की दक्षता बढ़ाता है और सेटलमेंट प्रक्रिया को स्वचालित करता है।

प्रारंभिक पायलट परिणाम

  • आरंभिक पायलट ने बाजार दक्षता में सुधार दिखाया।

  • यह साबित करता है कि UMI भारत के वित्तीय परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।

  • RBI अब थोक CBDC का उपयोग सिर्फ भुगतान के लिए नहीं बल्कि जटिल बाजार संचालन में भी कर रहा है।

खाता एग्रीगेटर (AA) फ्रेमवर्क

  • AA सिस्टम वित्तीय समावेशन और डिजिटलाइजेशन में एक महत्वपूर्ण एनेबलर है।

  • यह व्यक्तियों को नियंत्रित और सुरक्षित रूप से वित्तीय डेटा साझा करने की सुविधा देता है।

मौजूदा AA इकोसिस्टम:

  • 17 खाता एग्रीगेटर

  • 650 वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता (FIU)

  • 150 वित्तीय सूचना प्रदाता (FIP)

  • 160 मिलियन ग्राहक खातों की सेवा की गई

  • 3.66 बिलियन डेटा अनुरोध संसाधित किए गए

खाता एग्रीगेटर फ्रेमवर्क उपयोगकर्ताओं को स्वीकृति के साथ डेटा साझा करने की अनुमति देता है, जिससे बेहतर वित्तीय निर्णय और क्रेडिट तक पहुँच संभव होती है।

अन्य डिजिटल उत्पाद लॉन्च

UMI के अलावा, RBI ने चार नए फिनटेक समाधान भी लॉन्च किए:

  1. UPI HELP – AI आधारित समर्थन उपकरण (Small Language Models के साथ)

  2. IoT Payments with UPI – कनेक्टेड डिवाइस के माध्यम से पेमेंट

  3. Banking Connect – सभी बैंकों के लिए इंटरऑपरेबल नेट बैंकिंग इंटरफ़ेस

  4. UPI Reserve Pay – फंड नियंत्रण और प्री-ऑथराइजेशन के लिए नया UPI फीचर

यह लॉन्च सुरक्षित, सहज और समावेशी डिजिटल वित्तीय इकोसिस्टम बनाने में RBI की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

स्थैतिक तथ्य

  • पहल: एकीकृत बाजार इंटरफ़ेस (UMI)

  • घोषणा: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा

  • इवेंट: ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025

  • उद्देश्य: थोक CBDC का उपयोग कर वित्तीय परिसंपत्तियों का टोकनाइजेशन

  • तकनीक: ब्लॉकचेन आधारित परिसंपत्ति टोकनाइजेशन

HDFC बैंक ने “माई बिजनेस क्यूआर” लॉन्च किया

HDFC बैंक ने Global Fintech Fest (GFF) 2025 में “My Business QR” पेश किया, जो छोटे व्यवसायों के लिए पहला-किस्म का कॉमर्स आइडेंटिटी QR है। इस नवाचार का उद्देश्य खुदरा व्यापारियों को ऑफ़लाइन से ऑनलाइन कारोबार में आसान रूप से बदलाव करने में मदद करना और उनकी डिजिटल उपस्थिति, ग्राहक जुड़ाव और पेमेंट क्षमताओं को बढ़ाना है।

स्मार्टहब व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र

  • My Business QR, HDFC बैंक के SmartHub Vyapar ऐप में एकीकृत है, जिसका उपयोग भारत में 2 मिलियन से अधिक व्यापारियों द्वारा किया जा रहा है।

  • यह ऐप व्यापारियों को पेमेंट मैनेज करने, कारोबार ट्रैक करने, और अब डिजिटल प्रोफाइल दिखाने में मदद करता है जिसे ग्राहक सीधे अपने फोन कॉन्टैक्ट्स में सेव कर सकते हैं।

  • इस टूल को Vyaparify स्टार्टअप के सहयोग से बनाया गया, जो छोटे व्यवसायियों के लिए सरल और स्केलेबल डिजिटल पहचान बनाता है।

  • इसका उद्देश्य है कि व्यापारी डिजिटल रूप से खोजे जा सकें, संपर्क किए जा सकें और लेन-देन कर सकें — सब कुछ एक स्कैन योग्य QR कोड के माध्यम से।

My Business QR की विशेषताएँ

1. QR में डिजिटल स्टोरफ्रंट

  • ग्राहक जब My Business QR स्कैन करता है, तो व्यापारी का डिजिटल प्रोफाइल दिखाई देता है — जिसमें व्यापार का नाम, संपर्क जानकारी, उत्पाद/सेवाएँ और अन्य विवरण शामिल हैं।

  • यह प्रोफाइल सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़्ड है, जिससे व्यवसाय ऑनलाइन आसानी से खोजे जा सकते हैं।

  • ग्राहक इसी इंटरफ़ेस से ऑर्डर कर सकते हैं, पेमेंट कर सकते हैं और व्यापारी से चैट कर सकते हैं — एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर संचार और वाणिज्य।

2. डिजिटल अपनाने में सरलता

  • इस समाधान की सबसे बड़ी खासियत है इसका सरल उपयोग

  • व्यापारियों को वेबसाइट, ऐप या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं।

  • न्यूनतम ऑनबोर्डिंग के साथ, व्यापारी को पूर्ण डिजिटल पहचान मिलती है, जिससे वे शून्य इन्फ्रास्ट्रक्चर लागत में डिजिटल अर्थव्यवस्था में भाग ले सकते हैं।

3. छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाना

  • भारत के SME सेक्टर का बड़ा हिस्सा अभी भी डिजिटल रूप से कवर नहीं है।

  • My Business QR के माध्यम से ये व्यवसाय:

    • ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा में बेहतर बने रह सकते हैं

    • ग्राहकों को डिजिटल रूप से बनाए और फिर से जोड़ सकते हैं

    • दूरस्थ ऑर्डर और अधिक ग्राहक आकर्षित कर सकते हैं

    • आधिकारिक और खोजने योग्य डिजिटल उपस्थिति के जरिए विश्वास बढ़ा सकते हैं

मुख्य बिंदु

  • लॉन्च: HDFC बैंक द्वारा GFF 2025 में Vyaparify के सहयोग से

  • फीचर: एक QR कोड में डिजिटल स्टोरफ्रंट, चैट और पेमेंट एकीकृत

  • उद्देश्य: भारत के SME सेक्टर में डिजिटल दृश्यता और लेन-देन की सरलता बढ़ाना

  • राष्ट्रीय लक्ष्य: डिजिटल वित्तीय समावेशन और आधारभूत संरचना को बढ़ावा देना

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