राष्ट्र ने मनाई भारत छोड़ो आंदोलन की 80वीं वर्षगांठ

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अगस्त क्रांति दिवस (August Kranti Din) या भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement) की 80वीं वर्षगांठ, जिसे हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है, 8 अगस्त 2022 को मनाया जा रहा है। 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन को समाप्त करने का आह्वान किया और मुंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया।

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भारत छोड़ो आंदोलन: महत्व

भारत छोड़ो आंदोलन को एक शांतिपूर्ण और अहिंसक आंदोलन माना जाता था जिसका उद्देश्य केवल अंग्रेजों से भारत छोड़ने और स्वतंत्रता प्रदान करने का आग्रह करना था। गांधी ने आंदोलन के बारे में भारत में प्रत्येक आयु वर्ग और एक कार्य समूह को अलग-अलग निर्देश दिए। यह आंदोलन स्वतंत्रता के अंतिम चरण को इंगित करता है। इसने गाँव से लेकर शहर तक ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी। भारतीय जनता के अंदर आत्मविश्वास बढ़ा। समानांतर सरकारों के गठन से जनता में उत्साह की लहर दौड़ी।

भारत छोड़ो आंदोलन: इतिहास

8 अगस्त 1942 को, महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन को समाप्त करने का आह्वान किया और मुंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया। हालांकि 1944 तक इस आंदोलन को दबा दिया गया था, लेकिन इसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ पूरे देश में आम लोगों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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National Handloom Day 2022: जानें क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, क्या है इसका इतिहास?

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हर साल 7 अगस्त के दिन राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day 2022) मनाया जाता है। इस दिन भारतीय लोकल हैंडलूम (Local Handloom) को प्रोत्साहित किया जाता है। इंडियन ब्रांड्स और खादी (Khadi) को विश्वभर में पहुंचाने की पहल की जाती है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य आर्थिक रूप से हथकरघा उद्योग को मजबूत बनाना और इसे दुनिया में ब्रांड के तौर पर पेश करना है। 

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बता दें हैंडलूम से बनी खादी की साड़ी, सूट, दुपट्टा या कुर्ता और शर्ट काफी कंफर्टेबल होता है और कई लोगों की आज भी पहली पसंद है. हथकरघा उद्योग हमारे आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बहुत ही कम पूंजी और ऊर्जा की आवश्यकता होती है।


हथकरघा दिवस: इतिहास 

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा किया गया था। प्रधानमंत्री द्वारा चेन्नई के कॉलेज ऑफ मद्रास के शताब्दी कॉरिडोर पर राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्घाटन किया गया था। बता दें पहली बार 7 अगस्त, 2015 में मनाया गया था। इसके बाद से ही यह हर साल 7 अगस्त को मनाया जाता है। साल 1905 में 1905 में लार्ड कर्ज़न ने बंगाल के विभाजन की घोषणा की, तब इसी दिन कोलकाता के टाउनहॉल में एक महा जनसभा से स्‍वदेशी आंदोलन (Swadeshi Movement) की शुरुआत हुई थी। 

क्यों मनाया जाता है हथकरघा दिवस? 

हथकरघा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लघु और मध्यम उद्योग को बढ़ावा देने का है। यह वस्त्र मंत्रालय के तहत आता है। बुनकर समुदाय को सम्मानित करने और भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में उनके योगदान को स्वीकार करने के लिए हथकरघा दिवस मनाया जाता है। 

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हरियाणा सरकार ने ईडब्ल्यूएस छात्रों के लिए चिराग योजना शुरू की

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हरियाणा में सरकारी स्कूलों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों को ‘बजट’ प्राइवेट स्कूलों में ‘मुफ्त शिक्षा’ देने के लिए चिराग योजना शुरू की गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने हाल ही में ‘मुख्यमंत्री समान शिक्षा राहत, सहायता और अनुदान (चिराग)’ योजना शुरू की है। इसे 2007 में हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम, 2003 के नियम 134ए के तहत शुरू किया गया था।

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चिराग योजना के बारे में

  • इस योजना के तहत सरकारी स्कूल के छात्र जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 1.8 लाख रुपये से कम है, वे कक्षा 2 से कक्षा 12 तक प्राइवेट स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। 
  • सरकार दूसरी से पांचवीं कक्षा तक प्रति छात्र 700 रुपये, कक्षा छठी से आठवीं तक प्रति छात्र 900 रुपये और नौवीं से बारहवीं कक्षा तक प्रति छात्र 1,100 रुपये की प्रतिपूर्ति करेगी।
  • कम से कम 533 ‘बजट’ प्राइवेट स्कूलों, ज्यादातर गांवों और छोटे शहरों में चिराग योजना के तहत ईडब्ल्यूएस छात्रों को सीट देने के लिए आवेदन किया है।
  • हालांकि, अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी कारणों से केवल 381 स्कूलों को ही योग्य पाया. इन 381 निजी स्कूलों ने सरकारी स्कूलों के ईडब्ल्यूएस छात्रों के लिए 24,987 सीटों की पेशकश की है।
  • हालांकि, केवल 1,665 छात्रों ने इस योजना को चुनना पसंद किया है, जो कुल प्रस्तावित सीटों का सिर्फ 6.66 प्रतिशत है।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:
  • हरियाणा के मुख्यमंत्री: मनोहर लाल खट्टर

भारतीय नौसेना की महिला पायलट्स ने पूरा किया अरब सागर पर Surveillance मिशन

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भारतीय नौसेना (Indian Navy) की महिला पायलट्स ने इतिहास रच दिया। भारतीय नौसेना की ऑल विमने क्रू सदस्यों (All Women Crew Members) ने Donear 228 विमान के ज़रिए उत्तरी अरब सागर का निगरानी मिशन (Surveillance Mission) पूरा किया। भारतीय नौसेना ने ये जानकारी दी. पोरबंदर, गुजरात स्थित आईएनएस 314 नेवल स्क्वाड्रन की पांच महिलाओं ने नारी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए उत्तरी अरब सागर में मेरीटाइम रुकॉनोसेंस ऐंड सर्वेलेंस मिशन पूरा किया।

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अरब सागर पर समुद्री निगरानी मिशन के बारे में:

  • रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इस ऐतिहासिक उड़ान की तैयारी के लिए महिला अधिकारियों को व्यापक मिशन ब्रीफिंग और महीनों के जमीनी प्रशिक्षण से गुजरना पड़ा।
  • फ्रंटलाइन नेवल एयर स्क्वाड्रन INAS 314 गुजरात के पोरबंदर में तैनात है।
  • महिला अफ़सरों की कई महीनों तक ग्राउंड ट्रेनिंग हुई। अफ़सरों को रन-अप सॉर्टी में मिशन ब्रीफ़िंग्स भी मिलती रही। 
  • कमांडर मधवाल के अनुसार, ये अपने तरह की पहली मिलिट्री फ़्लाइंग थी और इसके बाद नौसेना में महिलाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
  • 2018 में भारतीय नौसेना की महिलाओं ने समंदर में 8 महीने यानि 254 दिन की यात्रा की।
  • आईएनएसवी तारिणी  के ज़रिए इन महिलाओं ने 4 महाद्वीप और 5 देशों का सफ़र किया।
  • लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में महिला अफ़सरों ने दुनिया के चारों तरफ़ सेलिंग सर्कमनैविगेशन एक्सपीडिशन पूरा किया था।

चीन ने ताइवान के आसपास अपना अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास किया शुरू

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चीन ने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद ताइवान के आसपास अपना अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। पेलोसी की यात्रा के बाद अहम माने जाने वाले इंटरनेशनल शिपिंग लेन पर फोर्स ने अपना सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। चीनी सेना सात अगस्त तक छह अलग-अलग क्षेत्रों में भी सैन्य अभ्यास शुरू कर रही है।

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प्रमुख बिंदु

  • चीन ताइवान को घेरने की कोशिश में है। पेलोसी एक दिन की यात्रा के बाद ताइवान से चली गईं लेकिन बीजिंग इससे बेहद नाराज है, और ताइवान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे चुका है। 
  • ताइवान एक स्वशासित द्वीप है और चीन इस पर अपना नियंत्रण चाहता है। पेलोसी पिछले 25 सालों में ताइवान की यात्रा करने वाली अमेरिका की वरिोष्ठ निर्वाचित अधिकारी हैं. 
  • पेलोसी ने यात्रा के दौरान कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने इस लोकतांत्रिक सहयोगी को नहीं छोड़ेगा।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:
  • अमेरिकी राष्ट्रपति: जो बिडेन
  • चीन के राष्ट्रपति: शी जिनपिंग
  • ताइवान के राष्ट्रपति: त्साई इंग-वेन

उत्तराखंड सरकार ने प्रत्येक जिले में एक संस्कृत भाषी गांव विकसित करने का निर्णय लिया

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उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के सभी 13 जिलों में एक-एक ‘संस्कृत- ग्राम’ विकसित करने का निर्णय लिया है। यानी हर जिले में एक ऐसा गांव होगा जहां के लोग संस्कृत भाषा में ही बातचीत किया करेंगे। उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि इन गांवों के निवासियों को प्राचीन भारतीय भाषा को दैनिक बोलचाल में इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण विशेषज्ञों द्वारा दिया जाएगा । संस्कृत प्रदेश की दूसरी आधिकारिक भाषा है।

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संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए इतने बड़े पैमाने पर इस प्रकार की पहल करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। कर्नाटक में एक गांव है जहां सिर्फ संस्कृत बोली जाती है। शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि चयनित गांवों में संस्कृत शिक्षक भेजे जाएंगे जो स्थानीय लोगों को इस भाषा में बोलना सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को वेद और पुराण भी पढ़ाए जाएंगे जिससे वे फर्राटे से संस्कृत बोलना सीख सकें।

रोचक तथ्य:

  • संस्कृत उत्तराखंड की दूसरी आधिकारिक भाषा है। पहली भाषा हिंदी है।
  • उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए इस पैमाने पर पहल की है। कर्नाटक राज्य में केवल एक संस्कृत भाषी गाँव है।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री: पुष्कर सिंह धामी;
  • उत्तराखंड की राजधानियाँ: देहरादून (शीतकालीन), गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन);
  • उत्तराखंड राज्यपाल: लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह।

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Commonwealth Games 2022: पुरुष फ्रीस्टाइल में पहलवान मोहित ग्रेवाल ने जीता कांस्य पदक

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भारतीय पहलवान, मोहित ग्रेवाल ने जमैका के आरोन जॉनसन को हराकर राष्ट्रमंडल खेल 2022 में पुरुषों की फ्रीस्टाइल 125 किग्रा में कांस्य पदक जीता है। कांस्य पदक के मुकाबले में ग्रेवाल ने जॉनसन को 5-0 से हराया। उन्होंने महज तीन मिनट 30 सेकेंड में यह पदक हासिल किया। मोहित ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में साइप्रस के एलेक्सियोस कौसलीडिस के खिलाफ जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन सेमीफाइनल में कनाडा के चैंपियन अमरवीर ढेसी से हार गए।

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भारत ने अब तक चल रहे खेलों में नौ स्वर्ण, आठ रजत और नौ कांस्य पदक के साथ 26 पदक जीते हैं। भारत को अब मुक्केबाजी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और हॉकी में पदक की उम्मीद है। भारत ने भारोत्तोलन में तीन स्वर्ण सहित सबसे अधिक 10 पदक जीते। ऑस्ट्रेलिया 50 स्वर्ण, 43 रजत और 45 कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर है। राष्ट्रमंडल खेल 2022 खेलों का समापन 8 अगस्त को होगा।

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स्वीडन और फिनलैंड को अमेरिकी सीनेट ने नाटो में शामिल होने की मंजूरी दी

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अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने स्वीडन और फिनलैंड को नाटो में शामिल करने को मंजूरी दे दी। प्रस्ताव के पक्ष में जोरदार उत्साह दिखाते हुए डेमोक्रेट व रिपब्लिकन दोनों के 95 सदस्यों ने वोट किया, विपक्ष में मात्र एक रिपब्लिकन सांसद ने वोट डाला। विरोध में वोट करने वाले रिपब्लिकन जोश हाउले ने तर्क दिया कि हमें यूरोप की सुरक्षा पर फोकस कम करने की जरूरत है, जबकि चीन के खतरे पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

फिनलैंड और स्वीडन की सदस्यता के बारे में:

  • नाटो में फिनलैंड और स्वीडन की सदस्यता को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन का मजबूत समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने जुलाई में इस मुद्दे को सीनेट में विचार के लिए भेजा था। 
  • इससे पहले फ्रांस की नेशनल असेंबली ने भी प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यूक्रेन पर रूस के हमले से डरे स्वीडन और फिनलैंड ने नाटो का सदस्य बनने के लिए आवेदन किया है। 
  • इसके लिए सभी 30 नाटो सदस्य देशों के समर्थन की जरूरत है। इनमें से अब तक दो तिहाई सदस्य देश समर्थन कर चुके हैं।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • नाटो अध्यक्ष: जेन्स स्टोल्टेनबर्ग
  • नाटो राष्ट्र: नाटो के वर्तमान सदस्य राज्य अल्बानिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, कनाडा, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, मोंटेनेग्रो, नीदरलैंड हैं। उत्तर मैसेडोनिया, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, तुर्की।

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Commonwealth Games 2022: भारतीय पहलवान दिव्या काकरान ने जीता कांस्य पदक

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भारतीय पहलवान दिव्या काकरान ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में महिलाओं के 68 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता है। कांस्य पदक मैच में काकरान ने टोंगा की टाइगर लिली कॉकर लेमाली को 26 सेकंड में विक्ट्री बाय फॉल के माध्यम से हराया। काकरान ने केवल 26 सेकेंड में विक्ट्री बाय फॉल के जरिए पदक हासिल किया।

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दिव्या काकरान के बारे में:

दिव्या काकरान (जन्म 1998) भारत की एक फ्रीस्टाइल पहलवान हैं। दिव्या ने दिल्ली स्टेट चैंपियनशिप में 17 गोल्ड मेडल समेत 60 मेडल जीते हैं और आठ बार भारत केसरी का खिताब अपने नाम किया है। दिव्या का परिवार मूलरूप से यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। दिव्या वर्तमान में भारतीय रेलवे में वरिष्ठ टिकट परीक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

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ताइवान पर अमेरिका-चीन में संघर्ष: जानें विस्तार से

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चीन और अमेरिका के बीच अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर तनाव पैदा हो गया है।  इसने दो शक्तिशाली देशों- चीन और अमेरिका के बीच तीव्र तनाव पैदा कर दिया है क्योंकि चीन ताइवान को अपने एक पृथकतावादी प्रांत के रूप में देखता है। पिछले 25 सालों में ये अमेरिका के किसी उच्चस्तरीय राजनेता की ये पहली ताइवान यात्रा है। 

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ताइवान को लेकर विवाद क्यों?

चीन ताइवान को अपने से अलग हुआ एक प्रांत मानता है और उसे लगता है कि अंततः वो चीन के नियंत्रण में आ जाएगा। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कह चुके हैं कि ताइवान का “एकीकरण” पूरा होकर रहेगा. उन्होंने इसे हासिल करने के लिए ताक़त के इस्तेमाल को भी ख़ारिज नहीं किया है। मगर ताइवान ख़ुद को एक स्वतंत्र देश मानता है जिसका अपना संविधान और अपने चुने हुए नेताओं की सरकार है। 

ताइवान क्यों महत्वपूर्ण है?

ताइवान एक द्वीप है जो चीन के दक्षिण-पूर्वी तट से लगभग 100 मील दूर है। चीन मानता है कि ताइवान उसका एक प्रांत है, जो अंतत: एक दिन फिर से चीन का हिस्सा बन जाएगा।  दूसरी तरफ, ताइवान ख़ुद को एक आज़ाद देश मानता है। उसका अपना संविधान है और वहां लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार का शासन है। ये ”फ़र्स्ट आइलैंड चेन” या ”पहली द्वीप शृंखला’ नाम से कहे जाने वाले उन टापुओं में गिना जाता है जिसमें अमेरिका के क़रीबी ऐसे क्षेत्र शामिल हैं जो अमेरिकी विदेश नीति के लिए अहम माने जाते हैं। 

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