भारत-फ्रांस एयरफोर्स का संयुक्त युद्धाभ्यास गरुड़ VII

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भारत और फ्रांस (India and France) की एयरफोर्स के संयुक्त युद्धाभ्यास गरुड़ (Garud VII) सूर्यनगरी जोधपुर में शुरू हुआ है। फ्रांस के 220 सैनिकों की टुकड़ी चार राफेल फाइटर जेट और मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट के साथ जोधपुर पहुंच चुकी है। दूसरी तरफ इंडियन एयर फोर्स की तरफ से राफेल, सुखोई, तेजस और जगुआर फाइटर जेट के अलावा एलसीएच को इस युद्धाभ्यास में उतारा है। भारत और फ्रांस दोनों देशों की एयरफोर्स के बीच यह युद्धाभ्यास 12 नवम्बर तक चलेगा। इस दौरान दोनों देश की एयरफोर्स अपने-अपने अनुभव एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे।

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एयरफोर्स के सातवें संयुक्त युद्धाभ्यास गरुड़ में भारत AF Su-30 MKI, राफेल, LCA तेजस और जगुआर लड़ाकू विमानों के साथ-साथ लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) और Mi-17 हेलीकॉप्टरों के साथ भाग ले रहा है। IAF की टुकड़ी में फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट, AWACS और AEW&C जैसी लड़ाकू सक्षम संपत्तियां भी शामिल होंगी। यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों के एयरफोर्स के जवान नई-नई तकनीकों को परस्पर साझा करेंगे।

 

दोनों देशों के बीच इससे पहले छह युद्धाभ्यास कुशलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं। यह द्विपक्षीय अभ्यास का सातवां संस्करण है। इससे पहले ऑड-ईवन के रूप में छह युद्धाभ्यास हो चुके हैं। इनकी शुरुआत भारत से ही 2003 में हुई थी। इस तरह से पहला, तीसरा और पांचवां संस्करण भारत में क्रमशः 2003, 2006 और 2014 में वायु सेना स्टेशनों ग्वालियर, कलाईकुंडा और जोधपुर में आयोजित किया गया था। दूसरी ओर फ्रांस में दूसरा, चौथा और छठा संस्करण वर्ष 2005, 2010 और 2019 में आयोजित किया गया था। इस बार पुन: भारत की बारी है।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • वायु और अंतरिक्ष बल के मेजर जनरल: जनरल स्टीफन मिले
  • वायु सेना प्रमुख, भारत: एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी

नाथद्वारा में दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का लोकार्पण

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राजस्थान के राजसमंद जिले में दुनिया की सबसे ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। भगवान शिव की इस प्रतिमा को ‘विश्व स्वरूपम’ नाम दिया गया है। राजसमंद जिले के नाथद्वारा शहर में स्थापित भगवान शिव की 369 फुट ऊंची प्रतिमा का गुजरात के आध्यात्मिक गुरु और धर्म प्रचारक मोरारी बापू अनावरण करेंगे। इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी उपस्थित रहेंगे।

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संस्थान के ट्रस्टी और मिराज समूह के अध्यक्ष मदन पालीवाल ने बताया कि प्रतिमा के अनावरण के पश्चात पूरे राज्य में 29 अक्टूबर से 6 नवंबर यानी नौ दिनों तक धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पीटीआई ने पालीवाल के हवाले से बताया, ‘श्रीनाथजी की नगरी में स्थापित भगवान शिव की यह अद्भुत प्रतिमा धार्मिक पर्यटन को एक नया आयाम देगी।’ मोरारी बापू नौ ​​दिनों तक राम कथा का पाठ भी करेंगे।

 

भगवान शिव की यह ‘विश्व स्वरूपम’ प्रतिमा उदयपुर से 45 किलोमीटर की दूर स्थित है। इसका निर्माण टाट पदम संस्थान द्वारा किया गया है। यहां भगवान शिव ध्यान की मुद्रा में बैठे हैं। कहा जाता है कि यह मूर्ति 20 किलोमीटर दूर से दिखाई देती है। यह 51 बीघे में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थापित है। प्रतिमा को विशेष रोशनी से रोशन किया गया है और रात में भी यह स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

 

इस प्रतिमा को बनाने में 3000 टन स्टील और लोहा, 2.5 लाख क्यूबिक टन कंक्रीट और रेत का इस्तेमाल किया गया है। तांबे के रंग की मूर्ति को बारिश और धूप से बचाने के लिए जिंक मिश्र धातु का लेप भी लगाया गया है। यह 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा का सामना कर सकती है। प्रतिमा के डिजाइन का विंड टनल टेस्ट ऑस्ट्रेलिया में किया गया है।

 

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भारतीय वैज्ञानिकों ने विकसित किया पहला स्वदेशी ओवरहॉसर मैग्नेटोमीटर

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भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ओवरहॉसर मैग्नेटोमीटर विकसित किया है, जो दुनिया भर की सभी चुंबकीय वेधशालाओं द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले ऐसे सबसे अच्छे मैग्नेटोमीटर में से एक है, जो भू-चुंबकीय सैंपलिंग के लिए आवश्यक सैंपलिंग और संवेदन (सेंसिंग) प्रयोगों की लागत को कम करने का मार्ग प्रशस्त करता है। अलीबाग चुंबकीय वेधशाला (एमओ) में स्थापित सेंसर भू-चुंबकीय क्षेत्र मापन के लिए वाणिज्यिक ओवीएच मैग्नेटोमीटर के बारे में भारत की निर्भरता का समाधान कर सकता है।

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ओवीएच मैग्नेटोमीटर अपनी उच्च सटीकता, उच्च संवेदनशीलता और कुशल विद्युत खपत के लिए जाने जाते हैं। इसलिए इन्होंने पूरी दुनिया के साथ-साथ ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए सभी चुंबकीय वेधशालाओं में अनुप्रयोग प्राप्त किये हैं। अब तक भारत में ऐसे उद्देश्यों के लिए इनका आयात किया जाता रहा है। आयात पर निर्भरता कम करने के लिए, भारत सरकार के डीएसटी के तहत एक स्वायत्त अनुसंधान संस्थान, भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान (आईआईजी) ने अपने प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम के हिस्से के रूप में मैग्नेटोमीटर विकसित किया है।

 

आईआईजी के इंस्ट्रूमेंटेशन प्रभाग की एक टीम ने ओवीएच सेंसर के कार्य को समझने के लिए विभिन्न स्पेक्ट्रोस्कोपिक उपकरणों और सैद्धांतिक सिमुलेशन का उपयोग किया है। इस टीम ने आगे विभिन्न नियंत्रण प्रयोग किए हैं जिनमें सेंसर संरचना को बदलना और सेंसर के प्रदर्शन की जांच करना शामिल है। इससे इन्हें सेंसर पैरामीटर्स और उससे जुड़े इलेक्ट्रॉनिक्स को अनुकूल बनाने में मदद मिली, जिससे कारण एक बहुत ही कुशल और स्थिर ओवीएच सेंसर का निर्माण हुआ।

 

जियोमैग्नेटिक सैंपलिंग के लिए अलीबाग चुंबकीय वेधशाला (एमओ) में स्थापित सेंसर के साथ किए गए प्रयोगों में यह पाया गया कि इस सेंसर ने ‘जियोमैग्नेटिक डायरनल वेरिएशन’ को सटीक रूप से दोबारा प्रस्तुत किया और विभिन्न अंतरिक्ष मौसम की घटनाओं जैसे कि जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म, अचानक आवेग आदि के संकेत दर्शाए। इस स्वदेश निर्मित मैग्नेटोमीटर का कार्य प्रदर्शन एक वाणिज्यिक ओवीएच सेंसर के समान है, जो वर्तमान में आईआईजी की चुंबकीय वेधशालाओं में स्थापित है।

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दो साल के निचले स्तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

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देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट जारी है. 21 अक्टूबर को समाप्त हफ्ते में यह 3.847 बिलियन डॉलर घटकर 524.52 बिलियन डॉलर रह गया। यह दो सालों का निचला स्तर है। यह जुलाई 2020 के बाद सबसे न्यूनतम स्तर है। इससे पिछले हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 4.50 बिलियन डॉलर घटकर 528.37 बिलियन डॉलर रह गया था। पिछले कई महीनों से विदेशी मुद्रा भंडार में कमी होती देखी जा रही है। एक साल पहले अक्टूबर 2021 में देश का विदेश मुद्रा भंडार 645 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

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देश के मुद्रा भंडार में गिरावट आने का मुख्य कारण यह है कि रुपए की गिरावट को थामने के लिए केन्द्रीय बैंक मुद्रा भंडार से मदद ले रहा है। रिजर्व बैंक द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर को समाप्त हफ्ते में मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण घटक मानी जाने वाली, विदेशीमुद्रा आस्तियां (FCA) 3.593 बिलियन डॉलर घटकर 465.075 बिलियन डॉलर रह गयीं। आंकड़ों के अनुसार देश का स्वर्ण भंडार मूल्य के संदर्भ में 24.7 करोड़ डॉलर घटकर 37,206 बिलियन डॉलर रह गया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 70 लाख डॉलर बढ़कर 17.44 बिलियन डॉलर हो गया है।

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केंद्र ने उत्तर प्रदेश में तराई हाथी रिजर्व को मंजूरी दी

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केंद्र ने उत्तर प्रदेश के दुधवा-पीलीभीत में तराई हाथी रिजर्व (टीईआर) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। तराई हाथी अभ्यारण्य भारत का तीसरा हाथी अभ्यारण्य है जो 3,049 वर्ग किमी में फैला हुआ है। तराई हाथी अभ्यारण्य में जंगली हाथियों के संरक्षण के लिए संरक्षित क्षेत्र, वन क्षेत्र और गलियारे शामिल हैं।

 

दुधवा और पीलीफिट टाइगर रिजर्व के संयुक्त वन क्षेत्रों में तराई हाथी अभ्यारण्य विकसित किया जाएगा। यह बाघ, एशियाई हाथी, दलदल हिरण और एक सींग वाले गैंडे सहित चार जंगली प्रजातियों के संरक्षण को कवर करेगा।

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प्रमुख बिंदु

 

  • पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इस कदम से ट्रांसबाउंड्री प्रवासी हाथियों की आबादी के संरक्षण में मदद मिलेगी।
  • मानव-हाथी संघर्ष शमन रणनीतियों को लागू करने के माध्यम से रिजर्व उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की रक्षा करेगा।
  • यह घास के मैदान और गलियारे के रखरखाव का प्रबंधन करके दो बाघ अभयारण्यों के लिए भी फायदेमंद होगा।
  • टीईआर तीसरा नया हाथी रिजर्व है जिसे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत पिछले तीन महीनों में मंजूरी मिली है।
  • अन्य दो टीईआर छत्तीसगढ़ में लेमरू और तमिलनाडु में अगस्त्यमलाई हैं।
  • हाथी परियोजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो भारत में हाथी संरक्षण का समर्थन करती है।

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डाबर ने 587.52 करोड़ रुपये में बादशाह मसाला में 51% हिस्सेदारी हासिल की

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डाबर इंडिया (Dabur India) जो देश की पुरानी एफएमसीजी कंपनी यानी कि रोज की जरूरतों के लिए यूज होने वाले प्रोडक्ट्स बनाती है, वो जल्द अब मसाला मार्केट में दस्तक देने को तैयार है। इसके लिए डाबर कंपनी ने बादशाह मसाला (Badshah Masala) की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर कंपनी का मालिकाना हक हासिल कर लिया है। जिसके लिए दोनों ही कंपनी ने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया है।

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शेयर मार्केट को दी गई जानकारी के मुताबिक बादशाह मसाले के साथ हुआ 51 फीसदी का समझौता करीब 587.52 करोड़ रुपए में किया गया है। डाबर ने बादशाह मसाला प्राइवेट लिमिटेड के साथ एग्रिमेंट पर साइन किए हैं। ऐसे में बादशाह पर डाबर इंडिया का मालिकाना हक हो जाएगा, जिसके बाद अब मसालों के बाजार में भी डाबर की एंट्री होना तय हो गया है।

 

दोनों कंपनियों के बीच हुए इस सौदे के बाद जारी किए गए साझा बयान में कहा गया कि डाबर इंडिया ने बादशाह मसाले के 51 फीसदी इक्विटी खरीद ली है। ऐसे में डाबर के पास बादशाह मसाले का मालिकाना हक हो गया है। बता दें कि मसाला मार्केट में बादशाह मसाला प्राइवेट लिमिटेड काफी पुराना और पॉपुलर नाम है।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सौदे के लिए बादशाह मसाला की कीमत 1152 करोड़ रुपए थी, ऐसे में 51 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 587.52 करोड़ रुपये में डील हुई। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बाकी 49 फीसदी हिस्सेदारी का एक्विजिशन अगले पांच साल बाद किया जाएगा।

 

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वयोवृद्ध असमिया अभिनेता निपोन गोस्वामी का निधन

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वयोवृद्ध असमिया अभिनेता, निपोन गोस्वामी का हाल ही में निधन हो गया। उनका जन्म असम के तेजपुर शहर में हुआ था। वह भारत के प्रतिष्ठित फिल्म और टेलीविजन संस्थान के पूर्व छात्र थे। उन्होंने 1957 में एक बाल कलाकार के रूप में असमिया सिनेमा में शुरुआत की। उन्होंने कई असमिया फिल्मों में काम किया और एक बहुत लोकप्रिय चेहरा थे। सिल्वर स्क्रीन के अलावा, गोस्वामी मोबाइल थिएटर, विज्ञापन विज्ञापनों और टीवी साबुन में भी सक्रिय थे।

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निपोन गोस्वामी का करियर:

 

संग्राम निपोन गोस्वामी की पहली असमिया फिल्म थी और एक असमिया फिल्म में मुख्य अभिनेता के रूप में पहली सफलता थी। बाद के वर्षों के दौरान, वह 1969 में रिलीज़ हुई डॉ. बेज़बरुआ सहित कई फ़िल्मों में दिखाई दिए। एक चरित्र अभिनेता के रूप में, वह कई हिंदी फ़िल्मों में दिखाई दिए। गोस्वामी ने 50 असमिया फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें ‘मुकुता’, ‘संध्या राग’ आदि शामिल हैं। उन्होंने कल्पना लाजमी की ‘दमन’, भाबेंद्रनाथ सैकिया की ‘काल संध्या’ और राजकुमार कोहली की ‘विरोध’ सहित सात हिंदी फिल्मों में अभिनय किया था।

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आरआरआर ने सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फिल्म के लिए सैटर्न अवार्ड जीता

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निर्माता-निर्देशक एसएस राजामौली की आरआरआर इस साल की सबसे चर्चित फिल्म है। इस फिल्म को केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पसंद किया जा रहा है। फिल्म का अगले साल होने वाले ऑस्कर अवॉर्ड्स 2023 के लिए भी आवेदन किया गया है। ऑस्कर में जाने पर पहले एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर ने विदेश में खास कामयाबी हासिल की है। लॉस एंजिल्स में आयोजित 50वीं वर्षगांठ सैटर्न अवॉर्ड्स में फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार जीता है। फिल्म ने 25 अक्तूबर को आयोजित सैटर्न अवॉर्ड में सभी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का खिताब अपने नाम किया है।

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सैटर्न अवॉर्ड की 50 एनिवर्सरी पर राजामौली की फिल्म ने यह अवॉर्ड जीतने में सफलता हासिल की है। बता दें कि आरआरआर का मुकाबला ‘डाउटन एबे: ए न्यू एरा’, ‘एफिल’, ‘आई एम योर मैन’, ‘राइडर्स ऑफ जस्टिस’ और ‘साइलेंट नाइट’ जैसी फिल्मों से था लेकिन इसने सभी को पीछे छोड़ते हुए इस फिल्म ने यह कारनामा कर दिखाया। सैटर्न अवार्ड्स एकेडमी ऑफ साइंस फिक्शन, फैंटेसी और हॉरर फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं।

 

इस समारोह में इन कैटेगरी के अलावा टीवी शोज को भी अवॉर्ड दिया जाता है। यह अवॉर्ड जीतने के बाद फिल्म के निर्देशक एसएस राजामौली भी काफी खुश हैं। राजामौली इन दिनों जपान में अपनी फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं, इस वजह से उन्होंने एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी खुशी जाहिर की है।

 

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अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेट दिवस : 29 अक्टूबर

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पहली बार इंटरनेट के उपयोग का जश्न मनाने के लिए दुनिया भर में हर साल 29 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेट दिवस (International Internet Day) मनाया जाता है। यह दिन पहला इलेक्ट्रॉनिक संदेश भेजने का प्रतीक है जिसे 1969 में एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में स्थानांतरित किया गया था। उस समय इंटरनेट को ARPANET (एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क) के नाम से जाना जाता था।

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दिन का इतिहास:

 

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) में एक छात्र प्रोग्रामर चार्ली क्लाइन (Charley Kline) ने 29 अक्टूबर, 1969 को पहली बार इलेक्ट्रॉनिक संदेश ‘एलओ (LO)’ प्रसारित किया।
दूरसंचार और प्रौद्योगिकी के इतिहास में इस महत्वपूर्ण घटना को मनाने के लिए पहला अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेट दिवस 29 अक्टूबर 2005 को मनाया गया था।

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ओडिशा में साझा क्रेडिट पोर्टल ‘सफल’ की शुरुआत

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ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने बुधवार को किसानों के लिए एक साझा क्रेडिट पोर्टल ‘‘सफल’’ की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने पोर्टल की शुरुआत करते हुए कहा कि यह सुविधा किसानों और कृषि-उद्यमियों को 40 से अधिक बैंक के 300 से अधिक सावधि ऋण उत्पादों तक पहुंचने में सक्षम बनाएगी। इसे (कृषि ऋण के लिए सरलीकृत ऐप्लीकेशन) को ‘कृषक ओडिशा’ के साथ भी एकीकृत किया गया है। इस वजह से 70 से अधिक मॉडल परियोजना तक इसकी पहुंच संभव होगी।

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सीएम पटनायक ने कहा कि यह पोर्टल किसानों और कृषि-उद्यमियों के लिए ऋण प्रावधानों में क्रांति ला सकता है। पोर्टल की शुरुआत पर पटनायक ने कहा कि यह ऐप किसानों और कृषि-उद्यमियों के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों और लघु वित्त बैंकों से औपचारिक रूप से ऋण प्राप्त करने का एकमात्र समाधान है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल किसानों और बैंक दोनों को लाभान्वित करने के लिए ऋण आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाएगा। पटनायक ने कहा कि यह पोर्टल किसानों को उनके ऋण आवेदन के हर चरण में सूचनाएं भेजकर सूचना विषमता को भी कम करेगा। सीएम ने कहा कि ‘‘सफल’’ सरकार को राज्यों में औपचारिक ऋण की मांग और वितरण की पूरी दृश्यता प्रदान करेगा। इसके साथ ही सुनिश्चित करेगा कि योजनाएं डेटा-समर्थित तरीके से तैयार की गई हों। सीएम ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘सफल’’ ओडिशा में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा देने और लंबे समय में किसानों की आर्थिक शक्ति को बढ़ाने के लिए ऋण की सुविधा प्रदान करेगा।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • ओडिशा राजधानी: भुवनेश्वर;
  • ओडिशा के मुख्यमंत्री: नवीन पटनायक;
  • ओडिशा राज्यपाल: गणेशी लाल।

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