भारत में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के जनक कहे जाने वाले डॉक्टर टेहेम्टन ई उदवाडिया का निधन हो गया। डॉक्टर उदवाडिया ने ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। भायखला में दशकों से सरकारी जेजे अस्पताल से जुड़े 88 वर्षीय डॉक्टर उदगाडिया का रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉक्टरों ने कहा कि उदवाडिया ने कुछ महीने पहले तक आउट पेशेंट विभाग में काम किया था।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
वहीं डॉ टेहेम्टन ई उदवाडिया के निधन पर खुद पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘डॉ टेहेम्टन उदवाडिया ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनके अभिनव उत्साह और उपचार के तरीकों की बात आने पर समय से आगे रहने की इच्छा के लिए उनका व्यापक रूप से सम्मान किया जाता है। उनके निधन से आहत हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।’
डॉक्टर टेहेम्टन उदवाडिया को साल 2017 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। डॉ. उदवाडिया ने 31 मई, 1990 को जेजे अस्पताल में देश की पहली लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी (पित्ताशय हटाने) की थी। यह एशिया में की गई पहली लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में से एक थी।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
अटल पेंशन योजना (APY) ने 21 अप्रैल, 2026 तक इस योजना में कुल 9 करोड़…
भारत के टेक्सटाइल सेक्टर ने अच्छा प्रदर्शन किया है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 में एक्सपोर्ट…
अंग्रेजी भाषा दिवस 2026, 23 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया जाएगा, ताकि वैश्विक संचार…
विश्व पैरा एथलेटिक्स (World Para Athletics) ने घोषणा की है कि ताशकंद 2027 विश्व पैरा…
विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस 2026 हर साल 23 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया…
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज़ ने भारत के आर्थिक आउटलुक में बदलाव किया है और FY27…