पेंटागन ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के क्रियान्वयन की घोषणा की, जो ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा शुरू किया गया एक अत्यधिक गोपनीय सैन्य अभियान है। यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दो सप्ताह की स्व-निर्धारित समय सीमा को समाप्त करने के कुछ ही दिनों बाद हुई, जो तेहरान के प्रति अमेरिकी रुख में एक नाटकीय बदलाव का संकेत है।
समाचार में क्यों?
एक चौंकाने वाले और साहसी कदम के तहत, अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर की घोषणा की—यह ईरान के परमाणु ढांचे को निशाना बनाकर किया गया एक अति-गोपनीय सैन्य अभियान है। यह घोषणा तब आई जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह की आत्म-निर्धारित समयसीमा को खत्म कर, ईरान के प्रति अमेरिकी रुख में बड़ा बदलाव कर दिया।
सटीक लक्ष्य: ईरान की परमाणु साइट्स पर हमला
पेंटागन ने पुष्टि की कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य फोर्दो (Fordow), नतांज (Natanz) और इस्फहान (Isfahan) स्थित तीन प्रमुख ईरानी परमाणु स्थलों को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाना था।
यह मिशन बेहद सुनियोजित, सटीक और रणनीतिक रूप से समन्वित था, जिसका उद्देश्य बिना व्यापक युद्ध छेड़े ईरान की परमाणु हथियार क्षमता को समाप्त करना था।
ऑपरेशन की रणनीति और उद्देश्य
जनरल डैन कैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ने बताया कि यह एक “जटिल और उच्च जोखिम वाला मिशन” था, जो अमेरिका की वैश्विक सैन्य क्षमताओं को दर्शाता है।
- सीमित अधिकारियों को ही इस अभियान की जानकारी थी
- सटीकता, समन्वय और गोपनीयता इस मिशन की विशेषताएं थीं
- ईरान को चौंकाकर उसके परमाणु खतरे को निष्क्रिय करना प्रमुख उद्देश्य था
ऑपरेशन का निष्पादन: मध्यरात्रि का हमला
प्रारंभिक तैनाती और रणनीतिक चकमा
शुक्रवार मध्यरात्रि को अमेरिका से B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स का बड़ा बेड़ा रवाना हुआ।
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कुछ विमान प्रशांत महासागर की ओर भटकाव के लिए भेजे गए
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असली हमले के लिए 7 B-2 बमवर्षक चुपचाप ईरान की दिशा में बढ़े
18 घंटे की उड़ान और समन्वय
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अनेक इन-फ्लाइट ईंधन भराई मिशनों के साथ यह अभियान 18 घंटे लंबा रहा
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मध्य-पूर्व में पहुंचने के बाद बमवर्षकों ने लड़ाकू विमानों, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और समर्थन विमानों से संपर्क साधा
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यह समन्वय संकीर्ण हवाई गलियारे में अद्वितीय सैन्य तालमेल का उदाहरण था
चकमा देने की रणनीति और शुरुआती मिसाइल हमले
टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल हमले
शाम 5:00 (EST) पर इस्फहान के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने 24+ टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलें दागीं
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यह हमला मुख्य हवाई हमले के साथ समन्वित किया गया था
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लक्ष्य था ईरानी रडार और सतही संरचनाएं
इलेक्ट्रॉनिक और हवाई वर्चस्व
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4वीं और 5वीं पीढ़ी के अमेरिकी फाइटर जेट्स ने आगे उड़कर ईरानी रक्षा प्रणाली को भ्रमित किया
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हाई-स्पीड दमन हथियारों ने ईरान की सतह-से-हवा मिसाइल प्रणालियों को निष्क्रिय किया
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इसके बाद बमवर्षकों का प्रवेश निर्बाध रहा
सटीक हमले: फोर्दो, नतांज और इस्फहान का विध्वंस
बमबारी की समय सीमा: शाम 6:40 से 7:05 बजे (EST)
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पहला GBU-57 मासिव ऑर्डनेंस पेनीट्रेटर बम फोर्दो पर गिराया गया
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अगले 25 मिनट में तीनों साइट्स पर बारीकी से लक्षित हमले किए गए
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अंतिम हमला टॉमहॉक मिसाइलों द्वारा इस्फहान पर हुआ
निकासी रणनीति और परिणाम
- बमवर्षकों ने बिना किसी विरोध के ईरानी वायु क्षेत्र छोड़ा
- कोई अमेरिकी हताहत नहीं, न ही विमान क्षतिग्रस्त हुए
- ईरान की ओर से तत्काल कोई जवाबी हमला नहीं
- पेंटागन ने इसे “स्टेल्थ युद्ध का उत्कृष्ट उदाहरण” बताया
प्रतीकात्मक और रणनीतिक महत्व
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यह ऑपरेशन अमेरिकी सैन्य क्षमता, रणनीतिक चुप्पी, और विश्व स्तर पर सटीक हमला करने की क्षमता का प्रतीक है
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ईरान-अमेरिका संबंधों में एक निर्णायक मोड़
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अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान के लिए यह एक उच्च स्तरीय संयुक्त ऑपरेशन सफलता मानी जा रही है


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