ओडिशा सरकार ने भुवनेश्वर में आयोजित मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव के समापन दिवस पर इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए एक नई जैव प्रौद्योगिकी नीति 2018 की घोषणा की.
ओडिशा के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री बी एन पत्रा ने कहा कि सरकार सार्वजनिक निजी भागीदारी, जैव-ऊष्मायन केंद्र और द्वि-तकनीक परिष्करण स्कूलों का निर्माण करके जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास के लिए अपना पूरा समर्थन प्रदान करेगी. राज्य सरकार का उद्देश्य राज्य को राज्य में शीर्ष जैव प्रौद्योगिकी निवेश गंतव्य बनाना है.
उपरोक्त समाचार से IBPS PO Mains Exam 2018 के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:
भारत का व्यापार घाटा फरवरी 2026 में बढ़कर 27.1 अरब डॉलर हो गया है। इसका…
भारत ने नागोया प्रोटोकॉल (Nagoya Protocol) के तहत अपनी पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट जैव विविधता पर…
डाक विभाग 17 मार्च 2026 से नई '24 स्पीड पोस्ट' सेवा शुरू करने जा रहा…
विश्व बैंक, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में वायु गुणवत्ता सुधार के…
ऑटोमोटिव टायर निर्माता संघ (ATMA) ने घोषणा की है कि अरुण मामेन को दोबारा चेयरमैन…
भारत ने जैव विविधता पर अभिसमय (CBD) को अपनी सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट (NR-7) प्रस्तुत की…