NPC और MoEFCC के बीच समझौता: पर्यावरणीय शासन को कैसे मजबूत करेगा

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के साथ पर्यावरण ऑडिट नामित एजेंसी (EADA) के रूप में कार्य करने के लिए एक समझौता किया है। इस समझौते पर पर्यावरण ऑडिट नियम, 2025 के तहत हस्ताक्षर किए गए। 20 मार्च, 2026 को की गई इस घोषणा के तहत NPC को भारत की पर्यावरण ऑडिट प्रणाली के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

NPC–MoEFCC समझौता क्या है?

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के साथ हुए समझौते के तहत पर्यावरण ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो भारत के पर्यावरणीय शासन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते के अंतर्गत NPC पूरे पर्यावरण ऑडिट सिस्टम का प्रबंधन करेगा और पर्यावरण लेखा-परीक्षा नियम 2025 (Environment Audit Rules 2025) के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा। इसके तहत ऑडिटरों के लिए पात्रता मानदंड तय करना, प्रमाणन परीक्षाएँ आयोजित करना तथा एक पारदर्शी पंजीकरण प्रणाली बनाए रखना जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ शामिल हैं।

Environment Audit Rules 2025 क्या हैं?

पर्यावरण लेखा-परीक्षा नियम 2025 के तहत राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) को पर्यावरण ऑडिट प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। ये जिम्मेदारियाँ भारत में पर्यावरणीय अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इन नियमों के मुख्य उद्देश्य हैं:

  • पर्यावरणीय ऑडिट प्रक्रियाओं का मानकीकरण
  • रिपोर्टिंग में पारदर्शिता बढ़ाना
  • नियामक प्रवर्तन को मजबूत करना
  • सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना
  • ऑडिट सिस्टम के अंतर्गत आने वाले प्रमुख कानून

यह पहल भारत के प्रमुख पर्यावरणीय कानूनों के बेहतर अनुपालन को सुनिश्चित करेगी और औद्योगिक गतिविधियों तथा उनके पर्यावरणीय प्रभाव की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित ढांचा प्रदान करेगी।

मुख्य कानून शामिल हैं:

  • पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
  • जल अधिनियम, 1974
  • वायु अधिनियम, 1981
  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972
  • वन संरक्षण कानून

समझौते का प्रभाव

NPC के साथ यह साझेदारी भारत की औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

  • एक समर्पित ऑडिट एजेंसी के गठन से बेहतर निगरानी और सटीक रिपोर्टिंग सुनिश्चित होगी।
  • इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पर्यावरणीय उल्लंघनों में कमी आएगी।
  • यह पहल सतत विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देगी।

नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (NPC) क्या है?

राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) एक स्वायत्त संगठन है, जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत DPIIT के तहत कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, स्थिरता को प्रोत्साहित करना और विभिन्न क्षेत्रों में क्षमता निर्माण करना है।
भारत में इसके 13 कार्यालय हैं। NPC को प्रशिक्षण, परामर्श और नीति समर्थन का व्यापक अनुभव है।

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vikash

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