प्रसिद्ध साहित्यिक चंद्रशेखर रथ का निधन 89 वर्ष की आयु में हुआ.उनका निधन बुढ़ापे की बीमारियों के कारन हुआ है. ओडीया साहित्य के प्रति उनके योगदान के लिए उन्हें हाल ही में केंद्रीय सरकार ने पद्म श्री के लिए नामित किया था.
उनके तीन उपन्यास, यंत्ररूद्र ( द इंस्ट्रूमेंटेड) 1967, असुर्य उपनिवेश (द सनलेस कॉलोनी) 1974 और नव जातक (रेजेन्सिस) 1981, ने उन्हें ओडिया साहित्य में विशेष स्थान दिलाया है. उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और सरला पुरस्कार जैसे साहित्यिक पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं.
स्रोत- द टाइम्स ऑफ इंडिया



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