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क्रेडिट, डेबिट कार्ड से विदेशों में 7 लाख रुपये तक खर्च पर नहीं कटेगा टीसीएस

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केंद्र सरकार ने कहा कि डेबिट या क्रेडिट कार्ड (20% TCS On Credit Card) के जरिये विदेशों में एक वित्त वर्ष में सात लाख रुपये तक के खर्च पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (TCS) नहीं कटेगा। विभिन्न तबकों की आलोचनाओं के बीच वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस कदम का उद्देश्य रिजर्व बैंक की उदारीकृत धनप्रेषण योजना (LRS) और टीसीएस के संबंध में प्रक्रिया संबंधी अस्पष्टता को दूर करना है। वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि वित्त वर्ष के दौरान 7 लाख रुपये तक डेबिट और क्रेडिट कार्ड से विदेशों में खर्च करने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

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मंत्रालय ने कहा कि प्रक्रिया संबंधी अस्पष्टता दूर करने के मकसद से यह निर्णय लिया गया है कि अंतरराष्ट्रीय डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिये विदेशों में एक वित्त वर्ष में सात लाख रुपये तक के खर्च को उदारीकृत धन प्रेषण योजना से बाहर रखा जाएगा और उस पर टीसीएस नहीं कटेगा। फिलहाल विदेशों में इलाज और पढ़ाई पर होने वाले सात लाख रुपये तक के खर्च पर टीसीएस नहीं कटता। ऐसे खर्च पर टीसीएस पांच प्रतिशत की दर से कटता है। मंत्रालय ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधित भुगतान के लिये टीसीएस से जुड़ी मौजूदा सुविधा जारी रहेगी।

 

मंत्रालय का कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्रीय बजट ने 1 जुलाई से LRS के तहत विदेशी मुद्रा खरीद पर सोर्स पर टैक्स कलेक्शन (TCS) के लिए 700,000 की सीमा हटा दिया है, जबकि शिक्षा, मेडिकल को छोड़कर टैक्स की दर को 5 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि फेमा कानून में बदलाव करने का मकसद डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भेजी गई रकम के टैक्स संबंधी पहलुओं में समानता लाना है। इससे विदेश में खर्च की गई राशि पर लागू दरों पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) किया जा सकेगा।

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FAQs

एलआरएस योजना का क्या लाभ है?

यह योजना भारतीय निवासियों को विदेशी शेयर बाजारों में पूंजी निवेश सहित अनुमोदित विदेशी निवेशों के लिए इन निधियों का उपयोग करने की अनुमति देती है। एलआरएस का इस्तेमाल रियल एस्टेट में निवेश या पूंजी लेनदेन के तहत वैकल्पिक निवेश के लिए भी किया जा सकता है।