NMDC ने साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने को आईआईटी कानपुर के साथ समझौता किया

अपने संचालन को आधुनिक बनाने और डिजिटल अवसंरचना को सुरक्षित करने की रणनीतिक पहल के तहत, भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी NMDC (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) ने IIT कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और NMDC के कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पृष्ठभूमि: यह सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?

जैसे-जैसे भारत के प्रमुख उद्योग डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहे हैं, मजबूत साइबर सुरक्षा और नवीन डिजिटल उपकरणों की आवश्यकता तेजी से बढ़ी है। NMDC जैसे सार्वजनिक उपक्रम, जिनके पास विशाल डेटा नेटवर्क, उपकरण और लॉजिस्टिक्स संचालन हैं, साइबर हमलों और परिचालन चुनौतियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए हैं।

ऐसे में उन्नत शोध, AI और साइबर तकनीक के लिए प्रसिद्ध IIT कानपुर के साथ साझेदारी NMDC को एक सुरक्षित, डिजिटल रूप से सक्षम और भविष्य के लिए तैयार खनन उद्यम बनने में मदद करेगी।

MoU की मुख्य विशेषताएँ

यह MoU 6 दिसंबर 2025 को NMDC की ओर से श्री सत्येन्द्र राय (कार्यकारी निदेशक—डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन) और IIT कानपुर की ओर से प्रो. अशोक डे (डीन, आरएंडडी) द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। समझौता कई प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करता है:

  • साइबर सुरक्षा जोखिम मूल्यांकन और लचीलापन योजना

  • साइबर सुरक्षा नीतियों और ढाँचे के अनुपालन में सहायता

  • खनन कार्यों में AI और ML का एकीकरण

  • सुरक्षा संचालन और घटना प्रतिक्रिया तंत्र

  • संयुक्त शोध, नवाचार और पायलट परियोजनाएँ

  • प्रशिक्षण कार्यक्रम और क्षमता निर्माण कार्यशालाएँ

  • डिजिटल समाधानों के प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट का विकास

यह साझेदारी IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मनीन्द्र अग्रवाल और NMDC के CMD श्री अमिताभ मुखर्जी के नेतृत्व में आगे बढ़ाई जा रही है।

सहयोग का महत्व

1. साइबर सुरक्षा को मजबूत करना

डिजिटल रूप से जुड़े खनन संचालन साइबर खतरों का आसान लक्ष्य बन रहे हैं। यह साझेदारी NMDC को आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने, कमजोरियों की पहचान करने और सुरक्षा उल्लंघनों के लिए तेज़ प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने में मदद करेगी।

2. खनन क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन

AI और ML तकनीक से NMDC परिचालन बुद्धिमत्ता बढ़ा सकेगा, उपकरणों की खराबी का पूर्वानुमान लगा सकेगा, संसाधन उपयोग को अनुकूल बना सकेगा और खदान स्थलों पर सुरक्षा तंत्र में सुधार कर सकेगा। इससे “स्मार्ट माइनिंग” की दिशा में बड़ा कदम उठेगा।

3. अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन

यह गठजोड़ डिजिटल माइनिंग समाधानों पर संयुक्त शोध को बढ़ावा देगा और भारत के खनन क्षेत्र के अनुरूप स्वदेशी तकनीकों के विकास को संभव बनाएगा।

4. क्षमता निर्माण और कौशल विकास

साझेदारी NMDC के कर्मचारियों और युवा इंजीनियरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिससे संगठन में डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ेगी।

मुख्य बिंदु

  • समझौता पक्ष: NMDC और IIT कानपुर

  • तिथि: 6 दिसंबर 2025

  • मुख्य क्षेत्र: साइबर सुरक्षा, AI/ML, डिजिटल परिवर्तन

  • योजनाबद्ध गतिविधियाँ: संयुक्त शोध, पायलट परियोजनाएँ, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण

  • महत्व: NMDC की साइबर सुरक्षा, परिचालन दक्षता और भविष्य की तैयारियों को मजबूत करता है

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vikash

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