जम्मू के प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान मुफ्ती फैज-उल-वहीद (Mufti Faiz-ul-Waheed), जिन्होंने पहली बार कुरान का गोजरी भाषा में अनुवाद किया, का जम्मू में निधन हो गया. उन्होंने ने ‘सिराज-उम-मुनीरा’, ‘अहकाम-ए-मय्यत’ और ‘नमाज का मसाइल कुरान-ओ-हदीस की रोशनी में’ सहित कई पुस्तिकाएं भी लिखी थीं.
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गोजरी भाषा के बारे में:
गुर्जरी – जिसे गुजारीं, गुजरी, गोजारी या गोजरी के नाम से भी जाना जाता है – गुर्जरों और भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की अन्य जनजातियों द्वारा बोली जाने वाली इंडो-आर्यन की एक किस्म है. भाषा मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, दिल्ली और भारत के अन्य हिस्सों में बोली जाती है.




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