जम्मू के प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान मुफ्ती फैज-उल-वहीद (Mufti Faiz-ul-Waheed), जिन्होंने पहली बार कुरान का गोजरी भाषा में अनुवाद किया, का जम्मू में निधन हो गया. उन्होंने ने ‘सिराज-उम-मुनीरा’, ‘अहकाम-ए-मय्यत’ और ‘नमाज का मसाइल कुरान-ओ-हदीस की रोशनी में’ सहित कई पुस्तिकाएं भी लिखी थीं.
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
गोजरी भाषा के बारे में:
गुर्जरी – जिसे गुजारीं, गुजरी, गोजारी या गोजरी के नाम से भी जाना जाता है – गुर्जरों और भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की अन्य जनजातियों द्वारा बोली जाने वाली इंडो-आर्यन की एक किस्म है. भाषा मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, दिल्ली और भारत के अन्य हिस्सों में बोली जाती है.




Holi 2026: जानें इस बार कब होगा होलिका द...
हरियाणा में पीएम श्री मॉडल पर ‘सीएम श्री...
भारत और नेपाल ने वन एवं वन्यजीव सहयोग बढ...

