वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की जीडीपी का राजकोषीय घाटा 3.7% तक बढ़ने का अनुमान लगाया है। केंद्र ने चालू वित्त वर्ष (2019-20) के लिए घाटे को 3.3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य रखा है, लेकिन यह चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में बजट अनुमान का 92.6 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सभी राज्य सरकारों के लिए राजकोषीय घाटा लगभग 3% रहने का अनुमान है।
राजकोषीय घाटा सरकार की आय में उसके व्यय की तुलना में गिरावट है। इसकी गणना सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में या आय के अतिरिक्त खर्च किए गए कुल डॉलर के रूप में की जाती है।
उपरोक्त समाचार से IBPS SO 2019 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
स्रोत: द हिंदू



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