Categories: Schemes

मंत्रालय ने लागू की ‘नया सवेरा’ या ‘फ्री कोचिंग एंड अलाइड’ स्कीम

मंत्रालय ने ‘नया सवेरा’ योजना को लागू किया, जिसे ‘फ्री कोचिंग एंड अलाइड’ योजना के नाम से भी जाना जाता है, जिसका उद्देश्य छह अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित छात्रों/उम्मीदवारों की सहायता करना है। इसके तहत उन्हें विशेष कोचिंग दी जाएगी ताकि वे योग्यता परीक्षाओं में सफल हो सकें। इन समुदायों में सिख, जैन, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और पारसी शामिल हैं।

‘नया सवेरा’ योजना: उद्देश्य

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित क्षेत्रों में अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को विशेष कोचिंग प्रदान करना है:

  1. ‘नया सवेरा’ स्कीम तकनीकी/पेशेवर पाठ्यक्रमों जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, कानून, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी आदि में प्रवेश के लिए योग्यता परीक्षाओं की तैयारी करने में सहायता करती है। ये स्कीम  विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए भाषा/क्षमता परीक्षाओं में भी सहायता प्रदान करती है।
  2. इसके साथ ही, ये स्कीम ग्रुप ‘ए’, ‘बी’, और ‘सी’ सेवाओं के भर्ती के लिए प्रतियोगिता परीक्षाओं में सहायता भी करती है, साथ ही केंद्रीय और राज्य सरकारों के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम, बैंक, बीमा कंपनियों और स्वायत्त संस्थानों में अन्य समकक्ष पदों के लिए भी सहायता करती है।
  • इस स्कीम के तहत कोचिंग की अवधि 3 महीने से 2 साल तक की थी।

‘फ्री कोचिंग एंड अलाइड स्कीम’ : 2007 से अल्पसंख्यक समुदायों को सशक्त बनाना

‘फ्री कोचिंग एंड अलाइड स्कीम’ जिसका लक्ष्य अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित उम्मीदवारों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था, वह 17 जुलाई, 2007 को आरंभ किया गया था। इसके शुरू होने के बाद से, नया सवेरा योजना (जिसे ‘फ्री कोचिंग एंड अलाइड’ स्कीम भी कहा जाता है) ने 1.19 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया है। इनमें से 12,155 लाभार्थी आंध्र प्रदेश राज्य से थे।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बारे में

  • माइनॉरिटी कार्य मंत्रालय को 29 जनवरी, 2006 को समाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय से अलग एक अलग इकाई के रूप में स्थापित किया गया था।
  • मंत्रालय पहचान किए गए अल्पसंख्यक समुदायों, अर्थात् मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिख, पारसी और जैन द्वारा सामना की जाने वाली चिंताओं और मुद्दों से निपटता है।
  • मंत्रालय की प्राथमिक जिम्मेदारियों में अल्पसंख्यक समुदायों के उत्थान और लाभ के उद्देश्य से व्यापक नीतियों का निर्माण, रणनीतिक योजना, समन्वय, मूल्यांकन और नियामक ढांचे और विकास कार्यक्रमों की समीक्षा शामिल है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्य बातें

  • अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री: श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी

Find More News Related to Schemes & Committees

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
shweta

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

3 weeks ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

4 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

4 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

4 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

4 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

4 weeks ago