पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए, भारत सरकार ने ‘RELIEF’ (Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation) योजना का विस्तार किया है। इस योजना का उद्देश्य उन निर्यातकों को सहायता प्रदान करना है, जिन्हें लॉजिस्टिक्स और बीमा की बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। यह योजना ‘निर्यात संवर्धन मिशन’ के तहत शुरू की गई थी। अब इसकी पात्रता सूची में मिस्र और जॉर्डन को भी शामिल कर लिया गया है, और यह प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय निर्यातकों को व्यापक सहायता प्रदान करेगी।
यह योजना निर्यातकों को—और विशेष रूप से MSMEs को—इन तरीकों से लक्षित राहत प्रदान करती है:
ये उपाय उस वित्तीय दबाव को कम करने के लिए तैयार किए गए हैं, जो युद्ध से जुड़े जोखिमों और समुद्री परिवहन की बढ़ती लागतों के कारण उत्पन्न हुआ था।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो निर्यातक 16 मार्च, 2026 के बाद नई ECGC होल टर्नओवर पॉलिसी लेंगे, वे इस योजना के तहत मिलने वाले लाभों के पात्र होंगे।
इस कदम से यह उम्मीद की जाती है कि:
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…