मार्शल द्वीप पैसे जुटाने के लिए अपनी स्वयं की डिजिटल मुद्रा बना रही है. ताकि बोली लगाई जा सके. ऐसा करके कानूनी निविदा के रूप में क्रिप्टोकरेंसी को पहचान देने वाला यह दुनिया का पहला देश बन गया है.
छोटे प्रशांत द्वीप राष्ट्र ने ‘सॉवरेन’ या एसओवी बनाने के लिए सार्वभौमिक मुद्रा अधिनियम पारित किया था. क्रिप्टोकरेंसी का अमेरिकी डॉलर के बराबर का दर्जा होगा और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के उपयोगकर्ताओं को एसओवी का इस्तेमाल करने के लिए अपनी पहचान प्रकट करनी होगी.
स्रोत- दि रायटर्स



Bank of Baroda ने बहुभाषी एआई प्लेटफॉर्म...
INS सुनयना माले पहुंचा, भारत-मालदीव समुद...
महाराष्ट्र में नई हेल्थ पहल: ‘मेरा गांव,...


