यूरोप के सातवें सबसे छोटे देश लक्समबर्ग ने सड़क यातायात की समस्या और बड़ते दबाव को घटाने के लिए देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट फ्री करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही यह देश सार्वजनिक परिवहन फ्री करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। यहां ट्रेनों, ट्रामों और बसों के किराए को हटा लिया गया है। फ्री किए जाने का मुख्य कारण पर्यावरण का संक्षरण और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना हैं।
यूरोप के इस छोटे और अमीर देश में अब सार्वजनिक परिवहन पर पहले खर्च होने वाले 440 यूरो (485 डॉलर) के वार्षिक पास की तुलना में नि: शुल्क होगा। हालाँकि यात्री अब भी प्रथम श्रेणी में यात्रा करने के लिए 660 यूरो सालाना भुगतान कर सकते हैं।
वर्तमान में लक्समबर्ग की आबादी लगभग 600,000 हैं, लेकिन पड़ोसी देश जर्मनी, बेल्जियम और फ्रांस से हर दिन काम के लिए आने वाले 214,000 से अधिक यात्री कार द्वारा यात्रा करते है, जिसके कारण शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। लक्समबर्ग की ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग आधे से ज्यादा हिस्सा परिवहन से आता हैं। यह ऐलान इस उम्मीद के साथ किया गया है कि लक्समबर्ग के 65% से अधिक लोग 2025 में साल 2017 के 73% की तुलना में काम पर जाने के लिए अपनी कार का उपयोग करेंगे।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- लक्समबर्ग के प्रधानमंत्री: जेवियर बेटटेल.
- लक्समबर्ग की राजधानी: लक्समबर्ग शहर.
- लक्ज़मबर्ग की मुद्रा: यूरो
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