लोकसभा ने परक्राम्य लिखत (संशोधन) विधेयक, 2017 पारित किया है जिसमें अदालत को चेक बाउंसिंग से संबंधित अपराध की कोशिश करने का प्रावधान, इसके अंतर्गत आहर्ता द्वारा शिकायतकर्ता को अंतरिम मुआवजे का भुगतान करने के लिए निर्देशित किये गया है.
वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला के अनुसार, अधीनस्थ अदालतों में 16 लाख चेक बाउंसिंग मामले और उच्च न्यायपालिका में 35 हजार मामले चल रहे हैं. अंतरिम मुआवजा चेक राशि के 20% से अधिक नहीं होगा और इस तरह के मुआवजे का भुगतान करने के अदालत के आदेश के 60 दिनों के भीतर आहर्ता द्वारा भुगतान किया जाना होगा.
स्रोत – द मनीकण्ट्रोल



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