गुजरात सरकार ने India AI Impact Summit 2026 के दौरान Larsen & Toubro की व्योमा इकाई (L&T Vyoma) के साथ ढोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) में 250 मेगावाट क्षमता वाला ग्रीन एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। ₹25,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाला यह प्रोजेक्ट भारत में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और सतत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
250 मेगावाट ग्रीन एआई डेटा सेंटर: MoU की प्रमुख बातें
यह समझौता गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और एलएंडटी की व्योमा इकाई के बीच नई दिल्ली में आयोजित समिट के दौरान ‘इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एक्टिविटी’ के अंतर्गत हुआ।
हस्ताक्षर गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया की उपस्थिति में किए गए।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ
- निवेश: ₹25,000 करोड़
- क्षमता: 250 मेगावाट हाई-स्केल एआई-रेडी डेटा सेंटर
- स्थान: ढोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR)
- प्रकृति: ग्रीन एवं सतत अवसंरचना
- संभावित संचालन वर्ष: 2028
MoU के तहत L&T Vyoma की भूमिका
समिट में घोषित समझौते के अनुसार, L&T Vyoma अंतिम परियोजना क्रियान्वयन से पहले विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) करेगी।
अध्ययन में शामिल होंगे:
- भूमि की उपयुक्तता
- अवसंरचना की तैयारी
- उपलब्धता क्षेत्र (Availability Zones)
- स्थिरता एवं सतत विकास मानक
वहीं, गुजरात सरकार संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक अवसंरचना और नीतिगत सहयोग उपलब्ध कराएगी।
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ढोलेरा SIR क्यों?
ढोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) भारत के सबसे बड़े नियोजित औद्योगिक स्मार्ट शहरों में से एक है। इसे आधुनिक अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक कॉरिडोर के साथ रणनीतिक रूप से विकसित किया गया है।
यह प्रस्तावित परियोजना निम्न लक्ष्यों के अनुरूप है:
- गुजरात आईटी/आईटीईएस नीति (2022–27)
- भारत के डिजिटल परिवर्तन लक्ष्य
- नवीकरणीय एवं सतत ऊर्जा पहल
सरकार का मानना है कि यह परियोजना गुजरात को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग का अग्रणी केंद्र बनाने में मदद करेगी।
आर्थिक और रोजगार प्रभाव
₹25,000 करोड़ का यह बड़ा निवेश गुजरात और विशेष रूप से ढोलेरा SIR के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर लेकर आ सकता है।
प्रत्यक्ष प्रभाव
- निर्माण और कमीशनिंग में रोजगार
- दीर्घकालिक संचालन से जुड़े रोजगार
- तकनीकी एवं डेटा प्रबंधन भूमिकाएँ
अप्रत्यक्ष प्रभाव
- सहायक पारिस्थितिकी तंत्र का विकास
- एआई स्टार्टअप्स और डिजिटल सेवाओं की वृद्धि
- क्षेत्रीय अवसंरचना को बढ़ावा
- कुल मिलाकर, यह परियोजना ढोलेरा SIR को भारत के उभरते एआई इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना सकती है।


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