Categories: Uncategorized

पहली बार प्रदान किए गए ISA सौर पुरस्कार

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन ( International Solar Alliance) की तीसरी बैठक के दौरान आईएसए के फ्रेमवर्क समझौते के बाद पहली बार सौर क्षेत्र में काम करने वाले देशों के साथ-साथ संस्थानों को सौर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। 

WARRIOR 4.0 | Banking Awareness Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams | Bilingual | Live Class

ये पुरस्कारों तीन श्रेणियों में प्रदान किए गए जो इस प्रकार है:-

  • विश्वेश्वरैया पुरस्कार: यह पुरस्कार आईएसए के चार क्षेत्रों में से प्रत्येक में अधिकतम सौर क्षमता का इस्तेमाल करने वाले देशों को प्रदान किया जाता है।
  • कल्पना चावला पुरस्कार: यह पुरस्कार सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को उनके  उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
  • दिवाकर पुरस्कार: यह पुरस्कार उन संगठनों और संस्थानों को दिया जाता है जो दिव्‍यांग लोगों के हितों के लिए काम करते हैं और जिन्‍होंने  मेजबान देश में सौर ऊर्जा के उपयोग को काफी अधिक बढ़ाया है।

पुरस्कार के विजेता:

  • विश्वेश्वरैया पुरस्कार: शिया प्रशांत क्षेत्र के लिए जापान को और यूरोप एवं अन्य क्षेत्रों के लिए नीदरलैंड.
  • कल्पना चावला पुरस्कार: IIT दिल्ली (भारत) के डॉ. भीम सिंह और दुबई इलेक्ट्रिसिटी एंड वाटर अथॉरिटी (संयुक्त अरब अमीरात) के डॉ. आयशा अलनौमी.
  • दिवाकर पुरस्कार: अर्पण संस्थान (हरियाणा) और अरुशी सोसाइटी.

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • आईएसए मुख्यालय स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा.
  • आईएसए नेता: उपेंद्र त्रिपाठी.

Find More Awards News Here

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]

Recent Posts

देश का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट बनकर तैयार, PM मोदी करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी 2026 को गुजरात के साणंद में भारत की पहली सेमीकंडक्टर…

12 mins ago

‘अंजदीप’ का क्या अर्थ है? नौसेना के नए कमीशंड युद्धपोत के नाम के पीछे की कहानी

भारतीय नौसेना ने 27 फरवरी 2026 को चेन्नई पोर्ट पर अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस…

2 hours ago

प्रख्यात समाजशास्त्री प्रोफेसर टी के उम्मन का निधन

प्रख्यात समाजशास्त्री टी के उम्मन का 26 फरवरी 2026 को 88 वर्ष की आयु में…

2 hours ago

अलग कुओं की परंपरा से साझा भोज तक: कैसे सौंदला बना महाराष्ट्र का ‘जाति-मुक्त’ गाँव

सौंदला (मुंबई से लगभग 350 किमी दूर) ने 5 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक कदम…

3 hours ago

केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी तक पूरे वर्ष के लक्ष्य का 63 प्रतिशत पर

भारत का राजकोषीय घाटा जनवरी 2026 के अंत तक ₹9.8 लाख करोड़ (₹9.8 ट्रिलियन) रहा,…

4 hours ago

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026: रमन प्रभाव का सम्मान और इस वर्ष की थीम

भारत हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाता है, ताकि सी. वी. रमन…

6 hours ago