हर साल 30 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस (International Translation Day) मनाया जाता है। बता दें इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ट्रांसलेटर्स (FIT) 1953 में स्थापित होने के बाद से इस दिन का आयोजन करता है। इस दिन का उद्देश्य भाषा अनुवाद पेशेवरों के काम का जश्न मनाना है जो संवाद, समझ और सहयोग की सुविधा प्रदान करते हैं, विश्व शांति और सुरक्षा के विकास और मजबूती में योगदान करते हैं।
30 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं यह दिवस?
अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस (International Translation Day 2020) हर साल 30 सितंबर को सेंट जेरोम (St. Jerome) की पुण्य तिथि पर मनाया जाता है। सेंट जेरोम बाइबल अनुवादक(Translator) हैं, जिन्हें अनुवादकों के संरक्षक संत के रूप में जाना जाता है। इनकी याद में ही इस खास दिन को मनाया जाता है।
अनुवाद का महत्व
भाषाएं केवल संवाद के साधन नहीं होतीं, वे सभ्यताओं, संस्कृतियों, और समाजों का प्रतिनिधित्व करती हैं। अनुवाद भाषाओं के बीच सेतु का काम करता है, जिससे विचारों, विचारधाराओं, और संस्कृतियों का आदान-प्रदान होता है। यह साहित्य, विज्ञान, व्यापार, और राजनीति के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस का इतिहास
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ट्रांसलेटर्स (FIT) 1953 में स्थापित होने के बाद से इस दिन का आयोजन करता है।आईटीडी (ITD) का पहला आधिकारिक उत्सव साल 1991 में आयोजित किया गया था। यह दिन बाइबल के अनुवादक संत जेरोम (St. Jerome) की दावत का भी प्रतीक है, जिन्हें अनुवादकों का संरक्षक संत माना जाता है।


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