अंतर्राष्ट्रीय जगुआर दिवस को जगुआर के सामने बढ़ते खतरों और मेक्सिको से अर्जेंटीना तक इसके अस्तित्व को सुनिश्चित करने वाले महत्त्वपूर्ण संरक्षण प्रयासों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष 29 नवंबर को जैव विविधता संरक्षण के लिये एक महत्वपूर्ण प्रजाति, सतत् विकास और मध्य एवं दक्षिण अमेरिका की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में अंतर्राष्ट्रीय जगुआर दिवस मनाया जाता है। यह अमेरिका की सबसे बड़ी जंगली बिल्ली है।
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जगुआर लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ा मांसाहारी और एकमात्र बड़ी बिल्ली है, जो मेक्सिको से अर्जेंटीना तक 18 देशों में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम पैंथेरा ओंका है। जगुआर ने अपने प्राकृतिक आवास रेंज में 50% से अधिक नुकसान का अनुभव किया है। जगुआर को अक्सर तेंदुए के रूप में समझा जाता है, लेकिन उनके शरीर पर हो रहे धब्बे से उन्हें विभेदित किया जा सकता है। इस दिवस का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के सतत् विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में जगुआर कॉरिडोर और उनके आवासों के संरक्षण की जरूरत पर ध्यान आकर्षित करना है।
मार्च 2018 में जगुआर 2030 फोरम के लिए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 14 रेंज देशों के प्रतिनिधि न्यूयॉर्क में एकत्रित हुए। इस फोरम के परिणामस्वरूप जगुआर 2030 स्टेटमेंट अस्तित्व में आया, जिसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी जगुआर संरक्षण पहलों की एक विस्तृत श्रृंखला को रेखांकित किया।
ब्राजील सहित कई रेंज देश राष्ट्रीय जगुआर दिवस समारोह भी मना रहे हैं, जिसने जगुआर को जैव विविधता के प्रतीक के रूप में मान्यता दी है। जगुआर दिवस मनाने की मांग करने वाले वैश्विक जंगली बिल्ली संरक्षण संगठन, पैंथेरा के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ और मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एलन रैबिनोविट्ज़ शामिल थे।
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