भारत के श्रम बाज़ार में वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) के दौरान थोड़ा सुधार दर्ज किया गया। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में बेरोज़गारी दर घटकर 5.2% रह गई, जो पहली तिमाही (अप्रैल–जून 2025) के 5.4% से कम है। यह सुधार मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों और महिला श्रमिकों में बेहतर रोज़गार अवसरों के कारण देखा गया।
| अवधि | बेरोज़गारी दर |
|---|---|
| Q1 2025 (अप्रैल–जून) | 5.4% |
| Q2 2025 (जुलाई–सितंबर) | 5.2% |
यह डेटा Current Weekly Status (CWS) पद्धति पर आधारित है, जो सात दिन की संदर्भ अवधि में रोजगार की स्थिति मापती है।
| क्षेत्र | बेरोज़गारी दर |
|---|---|
| ग्रामीण क्षेत्र | 4.4% |
| शहरी क्षेत्र | 6.9% |
| तिमाही | महिला श्रम भागीदारी दर |
|---|---|
| Q1 2025 | 33.4% |
| Q2 2025 | 33.7% |
महिलाओं की भागीदारी में 0.3 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई — यह धीरे-धीरे लेकिन सतत सुधार का संकेत है। यह बदलाव महिला सशक्तिकरण और औपचारिक–अनौपचारिक क्षेत्रों में अवसरों की बढ़ती पहुँच को दर्शाता है।
Q2 2025: 55.1%
Q1 2025: 55.0%
यह सूचक बताता है कि कार्यशील आयु वर्ग के अधिक लोग या तो नौकरी कर रहे हैं या काम की तलाश में हैं।
महामारी के बाद आर्थिक स्थिरीकरण
सरकारी रोजगार योजनाएँ (जैसे PMEGP, MGNREGA)
कृषि व निर्माण क्षेत्र में मौसमी रोजगार
डिजिटल एवं गिग अर्थव्यवस्था में अवसरों का विस्तार
| सूचक | मान |
|---|---|
| भारत की कुल बेरोज़गारी दर (15+) | 5.2% (Q2 2025) |
| ग्रामीण बेरोज़गारी | 4.4% |
| शहरी बेरोज़गारी | 6.9% |
| महिला श्रम भागीदारी | 33.7% |
| श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) | 55.1% |
| डेटा स्रोत | MoSPI – PLFS (CWS) |
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