भारत–श्रीलंका सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति-2025’ शुरु, जानें सबकुछ

भारत और श्रीलंका ने 10 नवम्बर 2025 को सैन्य अभ्यास “मित्र शक्ति–2025” (Mitra Shakti XI) का 11वाँ संस्करण कर्नाटक के बेलगावी स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आरंभ किया। यह अभ्यास 23 नवम्बर 2025 तक चलेगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और परिचालन समन्वय को सुदृढ़ करना है। यह अभ्यास आतंकवाद विरोधी अभियानों, उप-पारंपरिक युद्धक रणनीतियों और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों (UN Peacekeeping) के परिदृश्यों पर केंद्रित है।

मित्र शक्ति क्या है?

मित्र शक्ति भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच आयोजित एक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है, जिसकी शुरुआत दोनों देशों के बीच उप-पारंपरिक युद्ध (sub-conventional warfare), विशेष रूप से आतंकवाद और विद्रोह-रोधी अभियानों में समन्वय बढ़ाने हेतु की गई थी। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के अंतर्गत आयोजित होता है, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रवर्तन उपायों की अनुमति देता है। वर्षों से यह अभ्यास दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग का प्रतीक बन चुका है और उनके रणनीतिक साझेदारी संबंधों को और मजबूत करता है।

मित्र शक्ति 2025 के प्रमुख बिंदु

अवधि और स्थान

  • तिथि: 10 से 23 नवम्बर 2025

  • स्थान: फॉरेन ट्रेनिंग नोड, बेलगावी (कर्नाटक)

भाग लेने वाली सेनाएँ

  • भारतीय दल: 170 सैनिक, मुख्यतः राजपूत रेजिमेंट से

  • श्रीलंकाई दल: 135 सैनिक, गजाबा रेजिमेंट से

  • अतिरिक्त रूप से, भारतीय वायुसेना के 20 और श्रीलंकाई वायुसेना के 10 कर्मी भी शामिल हैं।

प्रशिक्षण का फोकस

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य बहुराष्ट्रीय शांति अभियानों के वातावरण में उप-पारंपरिक सैन्य अभियानों का सिमुलेशन करना है। इसमें शामिल प्रमुख गतिविधियाँ हैं —

  • सर्च एंड डेस्टॉय मिशन

  • हेलिबोर्न ऑपरेशन

  • काउंटर-टेरर रेड्स

  • कॉम्बैट रिफ्लेक्स शूटिंग

  • ड्रोन और एंटी-ड्रोन ऑपरेशन

  • हेलिपैड सुरक्षा तथा घायलों की निकासी (casualty evacuation) अभ्यास में आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन (AMAR) और योग सत्र भी शामिल हैं, जो सैनिकों के शारीरिक व मानसिक संतुलन पर बल देते हैं।

आधुनिक युद्ध कौशल और तकनीक

इस संस्करण की विशेषता ड्रोन और काउंटर–अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) का उपयोग है, जो आधुनिक युद्धक्षेत्रों में निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और खतरे के निष्प्रभावीकरण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। हेलीकॉप्टर और हेलिबोर्न अभियानों का प्रयोग शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में होने वाले वास्तविक आतंकवाद-रोधी अभियानों की परिस्थितियों को दर्शाता है।

मुख्य तथ्य

तथ्य विवरण
अभ्यास का नाम मित्र शक्ति – 2025
संस्करण 11वाँ
तिथियाँ 10–23 नवम्बर 2025
स्थान फॉरेन ट्रेनिंग नोड, बेलगावी (कर्नाटक)
भारतीय रेजिमेंट राजपूत रेजिमेंट
श्रीलंकाई रेजिमेंट गजाबा रेजिमेंट
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

4 weeks ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago