वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी कोर उद्योगों का सूचकांक (ICI) के अनुसार, जनवरी 2026 में भारत की आठ प्रमुख आधारभूत उद्योगों की वृद्धि दर 4% रही। यह दिसंबर 2025 के संशोधित 4.7% की तुलना में कम है। इस मंदी का प्रभाव व्यापक रहा और अधिकांश क्षेत्रों में क्रमिक (sequential) गिरावट देखी गई। हालांकि, स्टील और सीमेंट क्षेत्र निर्माण और अवसंरचना गतिविधियों के चलते मजबूत बने रहे।
रिफाइनरी उत्पादों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में दिसंबर की तुलना में वृद्धि दर में कमी दर्ज की गई।
कोर उद्योगों का सूचकांक (ICI) आठ प्रमुख अवसंरचना क्षेत्रों के उत्पादन को मापता है—
ये क्षेत्र मिलकर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27% का भार रखते हैं, इसलिए इन्हें औद्योगिक गतिविधि का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, स्टील और सीमेंट की तेज वृद्धि के पीछे प्रमुख कारण हैं—
ICRA की मुख्य अर्थशास्त्री Aditi Nayar ने इसे मजबूत निर्माण गतिविधि का संकेत बताया, हालांकि अन्य क्षेत्रों में नरमी दिखाई दे रही है।
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