भारतीय भारोत्तोलकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समोआ के अपिया में चल रही राष्ट्रमंडल युवा एवं जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप और संबंधित यूनिवर्सल कप (सीनियर) में प्रतियोगिता के दूसरे दिन चार स्वर्ण पदक जीते। भारतीय वेटलिफ़्टरों ने अलग-अलग कैटेगरी में चार गोल्ड मेडल जीते हैं। यूनिवर्सल कप (सीनियर) इवेंट के साथ-साथ मुकाबला करते हुए, भारत के युवा एथलीटों ने अपनी ताक़त, सटीकता और निरंतरता का प्रदर्शन किया है, जो अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ़्टिंग में देश के बढ़ते दबदबे का संकेत है।
भारत ने युवा और सीनियर, दोनों ही वर्गों में पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। इन एथलीटों ने खेल के तकनीकी पहलू—यानी वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं की दो मुख्य लिफ्ट्स, ‘स्नैच’ और ‘क्लीन एंड जर्क’—में असाधारण तकनीक का प्रदर्शन किया है।
सुनील सिंह (पुरुष 65 किग्रा)
ऐसंग्फा गोगोई (महिला 58 किग्रा)
अभिनव गोगोई (पुरुष 71 किग्रा)
चारु पेसी (यूनिवर्सल कप – पुरुषों का 65 किग्रा वर्ग)
वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताएं दो मुख्य लिफ्ट्स पर आधारित होती हैं।
दोनों लिफ्ट्स में उठाए गए कुल वज़न के आधार पर विजेता का फैसला होता है, इसलिए दोनों लिफ्ट्स में एक जैसा प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है।
समोआ में भारत की सफलता देश के वेटलिफ्टिंग इकोसिस्टम में युवा प्रतिभाओं की गहराई को उजागर करती है।
ये प्रदर्शन निम्नलिखित बातों को दर्शाते हैं:
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