APEDA की नई पहल: पीलीभीत में बासमती और जैविक खेती का ट्रेनिंग सेंटर

भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, पीलीभीत ज़िले के टांडा बिजेसी गाँव में बासमती और ऑर्गेनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए कुल 7 एकड़ ज़मीन ‘कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण’ (APEDA) को हस्तांतरित की गई है। ₹15 करोड़ की यह परियोजना किसानों को प्रीमियम बासमती की खेती, बीज उत्पादन, ऑर्गेनिक खेती और निर्यात प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित करने पर केंद्रित होगी; साथ ही, इसमें AI-आधारित फ़सल मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा।

प्रोजेक्ट का अवलोकन और मुख्य विशेषताएं

यह आगामी सुविधा लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहयोग से विकसित की जाएगी, और इसके एक वर्ष के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।

केंद्र के मुख्य घटक

  • किसानों के लिए उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएँ
  • व्यावहारिक शिक्षा हेतु प्रदर्शन फार्म
  • बीज उत्पादन इकाई
  • कार्यशालाओं और सेमिनारों के लिए सभागार
  • एक संग्रहालय, जिसमें बासमती की 45 अधिसूचित किस्में प्रदर्शित हैं
  • और एक आधुनिक NABL-मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला

लैब में टेस्टिंग होगी,

  • बासमती चावल की DNA प्रोफाइलिंग।
  • साथ ही पेस्टिसाइड रेसिड्यू एनालिसिस।
  • हेवी मेटल डिटेक्शन।

टेक्नोलॉजी की भूमिका: AI-आधारित सैटेलाइट मॉनिटरिंग

इस प्रोजेक्ट की एक अहम खासियत AI-आधारित सैटेलाइट सर्वे को इसमें शामिल करना है।

  • यह टेक्नोलॉजी बासमती की खेती वाले इलाकों का मैप तैयार करेगी।
  • यह बासमती की अलग-अलग किस्मों की पहचान भी करेगी।
  • और यह एक्सपोर्ट के अनुमान के लिए सटीक डेटा तैयार करेगी।

केंद्र का यह डेटा-आधारित तरीका बासमती एक्सपोर्ट सिस्टम में पारदर्शिता, ट्रेस करने की क्षमता और काम करने की कुशलता को बेहतर बनाएगा।

किसानों और क्षेत्रीय कृषि को बढ़ावा

इस केंद्र को ‘बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन’ (BEDF) की पहल के तहत भी विकसित किया जाएगा।

इससे न केवल उत्तर प्रदेश के किसानों को लाभ होगा, बल्कि यह आस-पास के क्षेत्रों की ज़रूरतों को भी पूरा करेगा, जैसे:

  • उत्तराखंड
  • दिल्ली

प्रशिक्षण का प्रभाव

  • इसके साथ ही, 2025-26 तक 50,000 से अधिक किसानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
  • इसके अलावा, अधिक मूल्य वाली फसलों और निर्यात की तैयारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    जैविक खेती की पद्धतियों को बढ़ावा देना।

कृषि निर्यात में APEDA की भूमिका

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) निम्नलिखित कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है:

  • कृषि निर्यात को बढ़ावा देना।
  • गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करना।
  • किसानों को बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण के साथ सहायता प्रदान करना।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

3 weeks ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

4 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

4 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

4 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

4 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

4 weeks ago