भारतीय सेना की अधिकारी मेजर स्वाति शांता कुमार ने लैंगिक समावेशी शांति स्थापना के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया है। उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासचिव पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। वह वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र दक्षिण सूडान मिशन (UNMISS) के साथ सेवाएँ दे रही हैं। उनका कार्य यह दर्शाता है कि समावेशी नेतृत्व किस प्रकार सामुदायिक विश्वास, महिलाओं की भागीदारी और संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक शांति को मजबूत कर सकता है।
क्यों चर्चा में?
मेजर स्वाति शांता कुमार को “जेंडर श्रेणी” में संयुक्त राष्ट्र महासचिव पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया है। उनका प्रोजेक्ट “Equal Partners, Lasting Peace (समान भागीदार, स्थायी शांति)” दुनिया भर के सभी संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों से प्राप्त नामांकनों में सर्वश्रेष्ठ चुना गया।
पुरस्कार की पृष्ठभूमि
इस पुरस्कार की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने की। यह सम्मान उन पहलों को दिया जाता है जो लैंगिक समानता और जेंडर-संवेदनशील शांति स्थापना को बढ़ावा देती हैं। मेजर स्वाति का प्रोजेक्ट संयुक्त राष्ट्र स्तर पर विभिन्न मिशनों के कर्मियों द्वारा किए गए मतदान प्रक्रिया के माध्यम से शीर्ष पर चुना गया।
प्रोजेक्ट के बारे में: “Equal Partners, Lasting Peace”
मेजर स्वाति ने संयुक्त राष्ट्र दक्षिण सूडान मिशन के तहत इंडियन एंगेजमेंट टीम का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में महिला शांति सैनिकों की तैनाती और एकीकरण को सुदृढ़ किया गया, जिससे प्रभावी गश्त, सामुदायिक संपर्क और दूरस्थ संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों तक सुरक्षित पहुँच संभव हो सकी।
पहल का महत्व
इस प्रोजेक्ट से 5,000 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला और उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार हुआ। इससे स्थानीय स्तर पर विश्वास बढ़ा, संयुक्त राष्ट्र मिशनों के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत हुआ और यह सिद्ध हुआ कि लैंगिक समावेशी नेतृत्व स्थायी शांति और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


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