जनवरी 2026 में भारतीय सेना ने सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘भैरव’ नामक एक नए आधुनिक युद्ध बल के गठन की घोषणा की। यह विशिष्ट (एलीट) बल ड्रोन तकनीक को युद्ध अभियानों में एकीकृत करने के लिए बनाया गया है, जिससे तकनीक-आधारित आधुनिक युद्ध के युग में भारत की युद्धक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस नए बल में 1 लाख से अधिक प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर शामिल होंगे, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी समर्पित ड्रोन युद्ध इकाइयों में से एक बनाता है।
‘भैरव’ बल क्या है?
भैरव बल नई पीढ़ी की एक युद्ध इकाई है, जिसे उच्च तीव्रता वाले आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया गया है। इन बटालियनों का हर सैनिक उन्नत ड्रोन संचालन में प्रशिक्षित है, जिससे रियल-टाइम निगरानी, सटीक हमले और युद्धक्षेत्र से खुफिया जानकारी जुटाना संभव होता है।
मुख्य क्षमताएँ
- दुश्मन ठिकानों पर आक्रामक ड्रोन हमले
- वास्तविक समय में टोही और निगरानी
- शत्रुतापूर्ण वातावरण में उच्च गति वाले अभियान
- तकनीक-आधारित युद्धक्षेत्र प्रभुत्व
यह बदलाव हाल के वैश्विक संघर्षों से मिले सबक को दर्शाता है, जहाँ ड्रोन निर्णायक फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में उभरे हैं।
भैरव बटालियनों के बारे में
सारांश
भैरव बटालियनें अत्यधिक फुर्तीली और ड्रोन-केंद्रित युद्ध इकाइयों के रूप में संरचित हैं, जो स्पेशल फोर्सेज़ जैसे अभियानों को तेज़ी और सटीकता से अंजाम दे सकती हैं।
मुख्य कार्य
- विभिन्न स्तरों पर स्पेशल फोर्सेज़ जैसे कार्य
- गहराई तक सामरिक और परिचालन मिशन
- अग्रिम मोर्चे की टुकड़ियों को ड्रोन-सक्षम फायरपावर से समर्थन
रणनीतिक उद्देश्य
इनका मुख्य उद्देश्य पैरा स्पेशल फोर्सेज़ (SF) और नियमित इन्फैंट्री बटालियनों के बीच की परिचालन खाई को पाटना है, ताकि सामरिक से लेकर परिचालन गहराई तक अभियानों का निर्बाध निष्पादन हो सके।
वर्तमान स्थिति और विस्तार योजना
- अब तक 15 भैरव बटालियनें गठित की जा चुकी हैं
- दोनों सीमाओं पर विभिन्न संरचनाओं में तैनात
- निकट भविष्य में लगभग 25 बटालियनें गठित करने की योजना
यह विस्तार बहु-डोमेन युद्धक्षेत्रों में कार्य करने वाली भविष्य-तैयार सेनाओं पर भारतीय सेना के फोकस को दर्शाता है।
भारतीय सेना दिवस परेड 2026: पहला सार्वजनिक प्रदर्शन
भैरव बटालियनें 15 जनवरी 2026 को जयपुर, राजस्थान में आयोजित भारतीय सेना दिवस परेड में पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होंगी। यह प्रस्तुति तकनीक-आधारित सैन्य शक्ति की ओर भारत के संक्रमण का प्रतीक है।
अन्य आधुनिक युद्ध पहल: रुद्र ब्रिगेड
भैरव के साथ-साथ भारतीय सेना ने ‘रुद्र ब्रिगेड’ भी गठित की हैं, जो सर्व-आयामी (ऑल-आर्म्स) एकीकृत संरचनाएँ हैं।
रुद्र ब्रिगेड में शामिल घटक
- इन्फैंट्री
- मैकेनाइज़्ड यूनिट्स
- टैंक
- तोपखाना
- स्पेशल फोर्सेज़
- मानवरहित हवाई प्रणालियाँ (UAS)
ये ब्रिगेड संयुक्तता (जॉइंटनेस) और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाती हैं तथा ड्रोन-केंद्रित भैरव बटालियनों का पूरक हैं।
भारतीय सेना के बारे में
- भूमिका: थल-आधारित शाखा और भारतीय सशस्त्र बलों का सबसे बड़ा घटक
- थल सेनाध्यक्ष (COAS): उपेंद्र द्विवेदी
- मुख्यालय: नई दिल्ली
- स्थापना: 1895
- आदर्श वाक्य: सेवा परमो धर्म
परीक्षा उपयोगी त्वरित तथ्य (प्रारंभिक व मुख्य)
- क्या: उन्नत ड्रोन क्षमताओं वाला आधुनिक युद्ध बल
- बल का नाम: भैरव
- गठित करने वाला: भारतीय सेना
- ड्रोन ऑपरेटर: 1 लाख से अधिक
- गठित बटालियनें: 15 (बढ़ाकर 25 की जाएँगी)
- परिचालन भूमिका: ड्रोन-आधारित दुश्मन ठिकानों और संरचनाओं को निशाना बनाना
- पहला सार्वजनिक प्रदर्शन: भारतीय सेना दिवस परेड
- तारीख: 15 जनवरी 2026
- स्थान: जयपुर, राजस्थान


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