
हार्वर्ड लॉ स्कूल में सेकेंड ईयर की भारतीय-अमेरिकी छात्रा अप्सरा अय्यर को प्रतिष्ठित हार्वर्ड लॉ रिव्यू का अध्यक्ष चुना गया है। लॉ रिव्यू के 136 साल के इतिहास में ये पहली बार है जब किसी भारतीय मूल की महिला ने ये पद संभाला है। हार्वर्ड लॉ स्कूल के अंतर्गत संचालित होने वाली लॉ रिव्यू एक ऐसी संस्था है, जो विधिक क्षेत्र में प्रकाशित होने वाले जनरल के लेखों की समीक्षा और चयन का काम करती है। इसकी स्थापना साल 1887 में हुई थी। ‘द हार्वर्ड क्रिमसन’ ने अपने एक रिपोर्ट में कहा है कि अप्सरा अय्यर को हार्वर्ड लॉ रिव्यू का 137वां अध्यक्ष चुना गया।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
अप्सरा अय्यर के बारे में
- अप्सरा अय्यर ने 2016 में येल से स्नातक की डिग्री हासिल की है। अर्थशास्त्र, गणित और स्पेनिश में अय्यर की स्नातक डिग्री है। अप्सरा अय्यर के तत्काल पूर्ववर्ती प्रिसिला कोरोनाडो ने कहा कि अप्सरा अय्यर को शीर्ष पर रखने को लेकर प्रकाशन बेहद भाग्यशाली है।
- क्रिमसन की रिपोर्ट के अनुसार, ‘सांस्कृतिक विरासत के मूल्य’ को समझने में अप्सरा अय्यर की रुचि ने उन्हें मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की पुरावशेष तस्करी इकाई में काम करने के लिए प्रेरित किया, जो चोरी की गई कला और कलाकृतियों को ट्रैक करती है।
- अय्यर ने लॉ स्कूल में आने से पहले 2018 में लॉ कार्यालय में काम किया था और इस भूमिका में आने से पहले लॉ प्रथम वर्ष के बाद छुट्टी ले ली थी।
- रिपोर्ट के अनुसार, अय्यर ‘राइट-ऑन’ नामक एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बाद हार्वर्ड लॉ रिव्यू में शामिल हुईं, जहां हार्वर्ड लॉ स्कूल के छात्र सख्ती से दस्तावेजों की जांच करते हैं।
- अप्सरा अय्यर पहले लॉ स्कूल के हार्वर्ड ह्यूमन राइट्स जर्नल और नेशनल सिक्योरिटी जर्नल में शामिल रही हैं। साउथ एशियन लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की सदस्य भी हैं।



ICC U-19 World Cup 2026: भारत ने फाइनल म...
नीति आयोग ने इस राज्य को 2035 तक क्लीन ए...
एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2026: सम्राट राण...

