भारत और अमेरिका 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल में संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ का 16वां संस्करण आयोजित करेंगे। इस वार्षिक अभ्यास का उद्देश्य भारत–अमेरिका रक्षा सहयोग को मजबूत करना, आपसी सामरिक तालमेल (Interoperability) बढ़ाना और संयुक्त परिचालन तैयारी को सुदृढ़ करना है। यह अभ्यास दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और आतंकवाद-रोधी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वज्र प्रहार 2026: उद्देश्य और रणनीतिक महत्व
वज्र प्रहार एक संयुक्त विशेष बल अभ्यास है, जो बारी-बारी से भारत और अमेरिका में आयोजित होता है। इसका मुख्य उद्देश्य उन्नत सैन्य सहयोग और संयुक्त अभियान क्षमता को बढ़ाना है।
अभ्यास के प्रमुख फोकस क्षेत्र:
- विशेष अभियानों की उन्नत रणनीतियों और तकनीकों का आदान-प्रदान
- परिचालन समन्वय (Operational Synergy) को मजबूत करना
- यथार्थवादी युद्ध परिदृश्य में प्रशिक्षण
- रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्रों में संयुक्त क्षमता बढ़ाना
भारतीय सेना के अनुसार, यह प्रशिक्षण आपसी विश्वास को गहरा करेगा और संयुक्त ऑपरेशनल तत्परता को बेहतर बनाएगा।
पिछले संस्करणों की झलक
- 2024 में 15वां संस्करण अमेरिका के इडाहो में आयोजित हुआ, जिसमें दोनों देशों के 45-45 सैनिकों ने भाग लिया।
- 2023 का संस्करण मेघालय के उमरोई में आयोजित किया गया था।
- इसमें भारतीय विशेष बलों और अमेरिकी ग्रीन बेरेट्स ने हेलोकास्टिंग, एयरबोर्न ऑपरेशन और काउंटर-टेरर अभ्यास किए।
बारी-बारी से अलग-अलग स्थानों पर आयोजन से विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन की समझ बढ़ती है।
भाग लेने वाली सेनाएं
भारतीय दल का प्रतिनिधित्व Indian Army की स्पेशल फोर्सेस इकाइयाँ करेंगी, जबकि अमेरिकी पक्ष से United States Army के विशिष्ट Green Berets भाग लेंगे।
अभ्यास में शामिल प्रमुख गतिविधियाँ:
- क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) ड्रिल
- आतंकवाद-रोधी अभियान
- शहरी युद्ध सिमुलेशन
- उच्च ऊंचाई और अर्ध-रेगिस्तानी प्रशिक्षण
इस प्रकार के संयुक्त अभ्यास सटीकता, पेशेवर दक्षता और सामरिक तालमेल को उच्च स्तर पर बनाए रखने में सहायक होते हैं।
व्यापक भारत–अमेरिका रक्षा सहयोग
पिछले दशक में भारत–अमेरिका रक्षा संबंधों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वज्र प्रहार जैसे अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच भरोसा और संचालन क्षमता को मजबूत करते हैं।
भारत और अमेरिका निम्न प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास भी करते हैं—
- युद्ध अभ्यास (थल सेना)
- मालाबार (नौसेना)
- कोप इंडिया (वायु सेना)
यह बढ़ता रक्षा सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और आतंकवाद-रोधी प्रयासों में साझा हितों को दर्शाता है।
वायुशक्ति-26: भारतीय वायुसेना का शक्ति प्रदर्शन
वज्र प्रहार 2026 के अलावा, Indian Air Force 27 फरवरी 2026 को जैसलमेर के पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में Exercise Vayushakti (वायुशक्ति-26) का आयोजन करेगी।
इस अभ्यास में प्रदर्शित होंगे:
- लड़ाकू विमानों की संचालन क्षमता
- परिवहन और हेलीकॉप्टर मिशन
- रात और सांध्यकालीन युद्धाभ्यास
- मानवीय सहायता और आपदा राहत क्षमता
संभावित भाग लेने वाले विमान:
- तेजस
- राफेल
- सुखोई-30 एमकेआई
- मिराज-2000
- जगुआर
- मिग-29
- C-130J और C-17 परिवहन विमान
- अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर
ये दोनों सैन्य अभ्यास भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता और वैश्विक साझेदारी को प्रदर्शित करते हैं।


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