भारत और मलेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुआलालंपुर यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, भुगतान प्रणाली और सुरक्षा से जुड़े 11 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय रुपये और मलेशियाई रिंगिट में स्थानीय मुद्रा के माध्यम से व्यापार निपटान को बढ़ावा देने पर जोर रहा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में यह यात्रा भारत–मलेशिया संबंधों को नई गति देने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकेत देती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा के दौरान भारत और मलेशिया ने 11 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के संबंध चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। कुआलालंपुर में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हुई वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और प्रौद्योगिकी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को 18.6 अरब डॉलर से आगे बढ़ाने का लक्ष्य तय किया, जो भारत–मलेशिया साझेदारी के एक नए चरण की शुरुआत को दर्शाता है।
बैठक का एक बड़ा परिणाम स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटान को बढ़ावा देना रहा। दोनों नेताओं ने भारतीय रिज़र्व बैंक और बैंक नेगारा मलेशिया के बीच सहयोग की सराहना की, जिससे भारतीय रुपये और मलेशियाई रिंगिट में इनवॉइसिंग और भुगतान को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे तीसरी मुद्रा पर निर्भरता घटेगी, लेनदेन लागत कम होगी और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश में वित्तीय स्थिरता बढ़ेगी।
भारत और मलेशिया ने NPCI इंटरनेशनल लिमिटेड और PayNet मलेशिया के बीच सहयोग की घोषणा भी की। इस साझेदारी से सीमा-पार डिजिटल भुगतानों को आसान बनाने के लिए द्विपक्षीय भुगतान लिंक स्थापित किया जाएगा। यह कदम भारत की फिनटेक कूटनीति को मजबूत करने और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच रियल-टाइम रिटेल भुगतान कनेक्टिविटी बढ़ाने में सहायक होगा।
11 समझौतों में से सेमीकंडक्टर और आपदा प्रबंधन में सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। दोनों देशों ने वैश्विक रणनीतिक महत्व वाले सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में साझेदारी की संभावनाओं पर सहमति जताई। ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग पर चर्चा हुई, जो स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सप्लाई चेन विविधीकरण के अनुरूप है।
मलेशिया ने भारत को टिकाऊ पाम ऑयल के भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने तेल पाम की खेती और मूल्यवर्धित पाम आधारित उत्पादों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसके साथ ही बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों के समाधान और श्रमिकों व पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए संरचित संवाद पर सहमति बनी।
दोनों नेताओं ने मलेशिया–भारत व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और ASEAN–भारत वस्तु व्यापार समझौते के महत्व पर जोर दिया। AITIGA की चल रही समीक्षा का स्वागत किया गया ताकि इसे अधिक व्यापार-सहज और वर्तमान वैश्विक प्रथाओं के अनुरूप बनाया जा सके। भारत ने ASEAN के साथ गहरे जुड़ाव की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें मलेशिया एक प्रमुख साझेदार है।
सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद निरोध, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग मजबूत करने की बात कही। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। भारत ने मलेशिया के सबाह में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलने की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–मलेशिया संबंधों को “विशेष” और रणनीतिक विश्वास पर आधारित बताया।
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