भारत ने ओडिशा तट से दूर बालासोर के पास चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से अपनी परमाणु-सक्षम पृथ्वी -2 मिसाइल (Prithvi-2 missile) का सफलतापूर्वक रात्रि परीक्षण किया है। उपयोगकर्ता उड़ान परीक्षण (user flight trial) एक प्रशिक्षण अभ्यास के भाग के रूप में DRDO के वैज्ञानिकों की निगरानी में सशस्त्र बल के सामरिक बल कमान द्वारा किया गया था।
पृथ्वी -2 के बारे में (About Prithvi-2:):
अत्याधुनिक मिसाइल भारत की पहली स्वदेशी सतह से सतह पर मार करने वाली रणनीतिक मिसाइल है, जिसे DRDO ने इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत विकसित किया है।
- इस 9-मीटर लंबा तरल-युक्त( tall liquid-propelled) पृथ्वी -2 में 350 किमी की रेंज है और यह 1-टन वारहेड ले जा सकता है।
- यह कुछ मीटर की सटीकता के साथ लक्ष्य तक पहुँचने के लिए पैंतरेबाज़ी प्रक्षेपवक्र के साथ उन्नत जड़त्वीय मार्गदर्शन प्रणाली (AIGS) का उपयोग करता है।
- यह दुश्मन के इलाके में गहरे युद्ध के उन्नत हथियार पहुंचाने के लिए बनाया गया है। मिसाइल, 80 डिग्री के कोण पर जाकर लक्ष्य पर डाईव लगाती है।
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सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
- DRDO के अध्यक्ष: डॉ. जी. सतीश रेड्डी।
- DRDO मुख्यालय: नई दिल्ली।



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