भारत तीन वर्ष में पहली बार 2018-19 के वित्तीय वर्ष के दौरान स्टील का शुद्ध आयातक था, यह देश के अपने पारंपरिक स्टील खरीदारों के बीच बाजार में हिस्सेदारी समाप्त करने और घरेलू स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले स्टील की मांग में आयात वृद्धि के कारण हुआ है.
शुक्रवार को रॉयटर्स को दिए गए प्रारंभिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में देश का तैयार इस्पात निर्यात 34% कम हो कर 6.36 मिलियन टन गया है. इसी अवधि के दौरान, समाप्त इस्पात आयात 4.7% बढ़कर 7.84 मिलियन टन हो गया है.
स्रोत: द हिंदू



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