रूसी परमाणु ऊर्जा एजेंसी रोजैटॉम के मुताबिक, अब भारतीय कंपनियां बांग्लादेश में रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए “गैर-महत्वपूर्ण” श्रेणी में निर्माण और स्थापना कार्य में भाग ले सकती हैं.
तीसरी दुनिया के देश में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भारत-रूसी सौदे के तहत रूपपर परियोजना पहली पहल है. यह भी पहली बार है कि भारतीय कंपनियां विदेशों में परमाणु ऊर्जा परियोजना में भाग ले रहे है. भारत, बांग्लादेश और रूस ने इस संबंध में मास्को, रूस में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.
तीसरी दुनिया के देश में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भारत-रूसी सौदे के तहत रूपपर परियोजना पहली पहल है. यह भी पहली बार है कि भारतीय कंपनियां विदेशों में परमाणु ऊर्जा परियोजना में भाग ले रहे है. भारत, बांग्लादेश और रूस ने इस संबंध में मास्को, रूस में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.
स्त्रोत- DD News



भारतीय नौसेना में 27 फरवरी को शामिल होगा...
झारखंड बजट 2026-27: ₹1.58 लाख करोड़ का ‘...
जनवरी 2026 में रूसी फॉसिल फ्यूल का दूसरा...

