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भारत ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विशेष पैकेज पेश किया

भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाया है। 9 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। यह घोषणा भारत की समुद्री पड़ोसियों पर बढ़ती प्राथमिकता, विकास सहयोग और सुरक्षा साझेदारियों को दर्शाती है, जो उसकी व्यापक हिंद महासागर दृष्टि का हिस्सा है।

भारत–सेशेल्स 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर विशेष आर्थिक पैकेज

भारत ने सेशेल्स में सामाजिक आवास, ई-मोबिलिटी, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा को समर्थन देने के लिए 175 मिलियन डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद की गई। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सात समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए, जिससे विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती मिली।

175 मिलियन डॉलर पैकेज के प्रमुख क्षेत्र

यह विशेष आर्थिक पैकेज जन-केंद्रित और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों पर केंद्रित है। इसके तहत किफायती सामाजिक आवास को बढ़ावा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार, स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना और व्यावसायिक प्रशिक्षण को सुदृढ़ किया जाएगा। पैकेज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए निर्धारित है, जिससे एक रणनीतिक समुद्री साझेदार के रूप में सेशेल्स की क्षमता और मजबूत होगी। यह पैकेज क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के साथ विकास सहायता को जोड़ने की भारत की नीति को दर्शाता है।

सात MoUs: शामिल क्षेत्र

भारत और सेशेल्स के बीच स्वास्थ्य, मौसम विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, डिजिटल परिवर्तन और सुशासन जैसे क्षेत्रों में सात समझौता ज्ञापन किए गए। इनमें एक प्रमुख समझौता भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और सेशेल्स मौसम विज्ञान प्राधिकरण के बीच तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग से संबंधित है। इन MoUs का उद्देश्य संस्थागत संबंधों को गहरा करना, शासन क्षमता बढ़ाना और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास को प्रोत्साहित करना है।

डिजिटल परिवर्तन और सिविल सेवा प्रशिक्षण

डिजिटल परिवर्तन से जुड़ा MoU एक प्रमुख आकर्षण रहा, जिसके तहत भारत अपने सफल डिजिटल गवर्नेंस मॉडल सेशेल्स के साथ साझा करेगा। एक अन्य महत्वपूर्ण समझौता सेशेल्स के सिविल सेवकों को भारत में प्रशिक्षण देने से संबंधित है, जिससे प्रशासनिक क्षमता मजबूत होगी। डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और शासन सुधारों में भारत का अनुभव सेशेल्स को सार्वजनिक प्रशासन के आधुनिकीकरण में मदद करेगा।

स्वास्थ्य सहयोग और चिकित्सा समर्थन

प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत सेशेल्स के लिए एक स्थिर और भरोसेमंद स्वास्थ्य साझेदार रहा है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में किफायती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं, मेडिकल टूरिज्म और स्वास्थ्य अवसंरचना का विकास शामिल है। यह भारत की “दुनिया की फार्मेसी” की छवि को और मजबूत करता है तथा सेशेल्स की जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करता है।

समुद्री सुरक्षा और विज़न महा-सागर (MAHASAGAR)

दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के केंद्र में बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विज़न महा-सागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) में सेशेल्स के महत्व को रेखांकित किया। हिंद महासागर के पड़ोसी देशों के रूप में समुद्री निगरानी, रक्षा क्षमता और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में सहयोग आगे और गहराता रहेगा।

राजकीय यात्रा का रणनीतिक महत्व

यह राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की अक्टूबर 2025 में पद संभालने के बाद भारत की पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–सेशेल्स राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के साथ भी मेल खाती है, जिससे इसका प्रतीकात्मक महत्व और बढ़ जाता है। राष्ट्रपति हर्मिनी ने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता, विश्वास और साझा पांच वर्षीय सहयोग दृष्टि का प्रतिबिंब बताया।

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