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भारत-ब्राज़ील ने किए 10 बड़े समझौते: ग्लोबल साउथ में उभरता नया शक्ति

भारत और ब्राज़ील ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण खनिज जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दस महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के साथ विस्तृत वार्ता की। दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। यह कदम वर्ष 2006 में स्थापित सामरिक साझेदारी (Strategic Partnership) के बाद से लगातार मजबूत हो रहे संबंधों को और सुदृढ़ करता है।

भारत–ब्राज़ील समझौते 2026: क्या तय हुआ?

भारत और ब्राज़ील के बीच 2026 में हुए दस समझौते कई रणनीतिक क्षेत्रों को कवर करते हैं और भारत–ब्राज़ील सामरिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की, जो भारत–ब्राज़ील संबंधों की साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और जन-से-जन संपर्क की भावना को दर्शाता है।

10 प्रमुख समझौतों के मुख्य क्षेत्र

इन समझौतों में कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया—

प्रमुख फोकस क्षेत्र:

  • क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ
  • डिजिटल सहयोग और प्रौद्योगिकी
  • स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और उद्यमिता
  • पारंपरिक ज्ञान का आदान-प्रदान
  • जनसंचार
  • रक्षा सहयोग

क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बीच लचीली (resilient) सप्लाई चेन विकसित करने की रणनीतिक पहल माना जा रहा है।

20 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य: रणनीतिक आर्थिक पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राज़ील को लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बताया और कहा कि द्विपक्षीय व्यापार आपसी विश्वास को दर्शाता है।

वर्तमान दिशा:

  • अगले पांच वर्षों में 20 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
  • ऊर्जा, कृषि, रक्षा और प्रौद्योगिकी में विस्तार
  • निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी

यह पहल ग्लोबल साउथ सहयोग और व्यापारिक साझेदारियों के विविधीकरण की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग

दोनों देश ब्राज़ील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

इस पहल का उद्देश्य है—

  • भारत के डिजिटल गवर्नेंस अनुभव को साझा करना
  • वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहचान प्रणालियों को बढ़ावा देना
  • ग्लोबल साउथ में तकनीकी सहयोग को मजबूत करना

दोनों नेताओं ने माना कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स और नवाचार में सहयोग न केवल उनके देशों बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी लाभकारी होगा।

साझा दृष्टिकोण: बहुध्रुवीय विश्व और संयुक्त राष्ट्र सुधार

भारत और ब्राज़ील ने समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

साझा रुख:

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में त्वरित सुधार
  • आतंकवाद के खिलाफ सशक्त वैश्विक कार्रवाई
  • जलवायु कार्रवाई और सतत विकास
  • ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना

दोनों देश ब्रिक्स, जी20, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, आईबीएसए संवाद मंच और G-4 जैसे मंचों पर करीबी समन्वय बनाए रखते हैं। उनका सहयोग संयुक्त राष्ट्र, WTO और UNESCO जैसे बहुपक्षीय मंचों तक विस्तारित है।

रक्षा और रणनीतिक समन्वय

  • प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा सहयोग को बढ़ते विश्वास और रणनीतिक तालमेल का उदाहरण बताया। इस क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग साझेदारी शामिल हैं।
  • रक्षा संबंधों की मजबूती ऊर्जा सहयोग, नवीकरणीय पहलों और रेयर अर्थ सामग्री सहयोग को भी पूरक करती है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी और सुदृढ़ होती है।
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