अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के विकास दर अनुमान को 0.6 प्रतिशत घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। जुलाई में 7.4 प्रतिशत और जनवरी में 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। इस कटौती के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था के आगे बढ़ने की रफ्तार अन्य देशों के मुकाबले सबसे तेज रहेगी। आईएमएफ ने कहा, दूसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में कमजोरी और बाहरी मांग में कमी से विकास दर में कटौती की गई है। 2023-24 में वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 2021-22 में 8.7 प्रतिशत रही थी।
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आईएमएफ ने महंगाई के मोर्चे पर कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत में खुदरा महंगाई 6.9 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि, 2023-24 में यह आरबीआई के ऊपरी दायरे 6 फीसदी से घटकर 5.1 प्रतिशत पर आ सकती है। अगले वित्त वर्ष में ही महंगाई के और घटकर 4 फीसदी पर आने की भी उम्मीद है। अतिरिक्त मौद्रिक सख्ती यह सुनिश्चित करेगी। आईएमएफ ने चालू वित्त वर्ष के लिए वैश्विक वृद्धि दर को घटाकर 3.2 प्रतिशत कर दिया है। 2023-24 में 2.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। 2021-22 में वैश्विक विकास दर 6 फीसदी रही थी।
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